रिपोर्टर : शुभम सिंह
लोकेशन : बांदा
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत बांदा जिले के पारंपरिक उत्पाद बालूशाही और सोहन हलुआ के उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देना, पारंपरिक उत्पादों की पहचान को मजबूत करना तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उद्योगों को मिलेगी वित्तीय सहायता
योजना के तहत बालूशाही और सोहन हलुआ से जुड़े उद्यमियों को नए प्रतिष्ठान स्थापित करने अथवा मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत पर निर्धारित पात्रता के अनुसार 10 से 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी (सब्सिडी) का प्रावधान किया गया है।
इस सहायता का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमियों को आधुनिक तकनीक अपनाने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहयोग देना है।
होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबारियों को होगा लाभ
योजना का लाभ जिले के होटल, रेस्टोरेंट, हाईवे ढाबों, मिठाई प्रतिष्ठानों तथा बालूशाही और सोहन हलुआ का निर्माण करने वाले कुटीर एवं लघु उद्योगों को भी मिल सकेगा। इसके माध्यम से उद्यमी अपने प्रतिष्ठानों का आधुनिकीकरण, नई मशीनों की स्थापना तथा उत्पादन का विस्तार कर सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
स्थानीय उद्योग और रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन
उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से बांदा के पारंपरिक मिठाई उद्योग को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही इन उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच मजबूत होने से स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
व्यापारियों ने जताई खुशी
योजना को लेकर कई स्थानीय व्यापारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि वित्तीय सहायता मिलने से वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे और आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ा पाएंगे।
जिला प्रशासन ने पात्र उद्यमियों से अपील की है कि वे योजना की निर्धारित पात्रता और प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाएं। इससे बांदा के पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिल सकेगी।
