रिपोर्टर: बागपत
बीमा क्लेम के लालच में रची गई साजिश
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में बीमा क्लेम हासिल करने के लिए कथित तौर पर झूठी लूट की कहानी रचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि जिसने लूट की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस कथित साजिश का मुख्य आरोपी निकला।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
खुद ही बना लूट का पीड़ित
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी कार की झूठी लूट की कहानी गढ़कर शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस को शिकायत पर संदेह हुआ। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की गई और कथित साजिश का खुलासा हो गया।
छह घंटे में खुला पूरा मामला
बागपत पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए केवल छह घंटे के भीतर पूरे मामले की परतें खोल दीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि कथित लूट की घटना वास्तविक नहीं थी, बल्कि बीमा क्लेम प्राप्त करने के उद्देश्य से इसकी योजना बनाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हुई है।
दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने इमरान और कुर्बान नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत की जांच की और सच्चाई सामने आने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी झूठी सूचना या फर्जी मुकदमे के जरिए कानून को गुमराह करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अशरफाबाद थल गांव का मामला
यह मामला बागपत जनपद के रमाला थाना क्षेत्र के अशरफाबाद थल गांव का बताया जा रहा है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित साजिश किस स्तर तक रची गई थी और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
निष्कर्ष
बागपत पुलिस द्वारा छह घंटे के भीतर किए गए इस खुलासे ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी घटना की निष्पक्ष और तकनीकी जांच से सच्चाई सामने आ सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत दर्ज कराकर कानून को गुमराह करने का प्रयास न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
