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अवैध रेत खनन की जानकारी छिपाना पटवारी को पड़ा महंगा, कलेक्टर ने किया निलंबित

रिपोर्टर: जमील खान

टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश)। अवैध रेत खनन की जानकारी समय पर अधिकारियों को नहीं देने के आरोप में जतारा तहसील के एक पटवारी को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद हुई जांच में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने यह कार्रवाई की।

वायरल वीडियो के बाद हुई जांच

जानकारी के अनुसार, जतारा तहसील के टानगा हल्का क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित पटवारी जितेन्द्र विरथरिया ने घटना की सूचना न तो तहसीलदार को दी और न ही राजस्व निरीक्षक को कोई लिखित प्रतिवेदन भेजा।

राजस्व निरीक्षक ने भी पुष्टि की कि उन्हें इस संबंध में पटवारी की ओर से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई थी।

मानसून प्रतिबंध के दौरान हुई कथित लापरवाही

कलेक्टर के आदेशानुसार 20 जून से 30 सितंबर तक मानसून अवधि में जिले की सभी रेत खदानों तथा नदी-नालों से खनन पर प्रतिबंध लागू है। ऐसे समय में प्रतिबंधित क्षेत्र में कथित अवैध खनन की सूचना छिपाना गंभीर लापरवाही माना गया। यह कार्रवाई तहसीलदार जतारा की रिपोर्ट के आधार पर की गई।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने आदेश जारी करते हुए कहा कि संबंधित पटवारी का आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत पाया गया। इसके आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय जतारा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

अवैध खनन पर प्रशासन सख्त

जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध रेत खनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का संदेश है कि नियमों की अनदेखी करने या ऐसी गतिविधियों की जानकारी छिपाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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