रिपोर्टर: कबीर
मुजफ्फरनगर। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टूलकिट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) टूलकिट योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
ओडीओपी योजना के तहत वितरित की गई टूलकिट
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा चयनित लाभार्थियों को ओडीओपी टूलकिट योजना के तहत आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए। टूलकिट प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों ने खुशी व्यक्त की और इसे अपने रोजगार को आगे बढ़ाने में उपयोगी बताया।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को मजबूत करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उद्यमियों को दी गई योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र तथा खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के बारे में भी लाभार्थियों को जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने की अपील की।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री सुनील दर्शन तथा पूर्व जिला मंत्री सुधीर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर सृजित करना और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहिए, जिससे आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी सोमप्रकाश, उद्योग विभाग के सलीम अहमद, ब्रज भूषण सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने लाभार्थियों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार लगातार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है और इच्छुक उद्यमियों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।
स्थानीय उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि छोटे उद्योग, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को मजबूत बनाकर जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है। ओडीओपी जैसी योजनाएं न केवल कारीगरों की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
एमएसएमई दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम जिले के उद्यमियों और कारीगरों के लिए लाभकारी साबित हुआ, जहां उन्हें आवश्यक उपकरणों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।
