रिपोर्टर: गुलाब सिंह गौर
चरखारी (महोबा)। चरखारी में मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। गोलाघाट मैदान में आयोजित जलसे के बाद देर रात सिया और सुन्नी समुदाय के ताजियों को स्थानीय कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे आयोजन के दौरान अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही।
मोहर्रम की पहली से नौवीं तारीख तक आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद दसवीं मोहर्रम को सिया समुदाय का ताजिया जुलूस असगर अब्बास के आवास से रवाना हुआ। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने मातम और मर्सिया पढ़ते हुए कर्बला पहुंचकर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया।
वहीं सुन्नी समुदाय के ताजिए अपने-अपने इमाम चौकों से निकलकर गांधी पार्क, सदर बाजार और झंडा बाजार पहुंचे, जहां पारंपरिक प्रदर्शन के बाद सभी ताजिए गोलाघाट मैदान पहुंचे। यहां करीब दो घंटे तक धार्मिक आयोजन और मजमा चला, जिसके बाद ताजिया जुलूस बेगम मस्जिद मार्ग से होते हुए कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जुलूस के दौरान ढाल सवारी, दुलदुल और बुर्राख सहित अन्य पारंपरिक धार्मिक आकर्षण भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं मोहल्ला हटवारा का ताजिया नवादा, खदिया, राजमंदिर और छैलबिहारी मार्ग से होते हुए हटवारा स्थित कर्बला पहुंचा।
मोहर्रम के अवसर पर नगर में विभिन्न स्थानों पर हजरत इमाम हुसैन की याद में लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष न्याज अहमद उर्फ मोनू खां, न्यामत सौदागर, अमानत सौदागर सहित कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
पूरे जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीएम चरखारी धीरेंद्र कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी दीपक दुबे, प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी हार्दिक पटेल सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की निगरानी में मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
