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अमरोहा में कानून के छात्रों ने वृद्धाश्रम में सीखा संवेदनशीलता का पाठ, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की मिली जानकारी

रिपोर्ट: डॉ. प्रथम सिंह, अमरोहा

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत कानून के छात्रों को वृद्धाश्रम का भ्रमण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य भावी अधिवक्ताओं में सामाजिक संवेदनशीलता, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

यह कार्यक्रम माननीय जनपद न्यायाधीश एवं सचिव/न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया, जिसमें विधि के छात्रों ने वृद्धजनों के जीवन, उनकी आवश्यकताओं और कानूनी अधिकारों को करीब से समझा।

छात्रों ने बुजुर्गों से किया संवाद

इंटर्नशिप कर रहे लॉ स्टूडेंट्स का समूह वृद्धाश्रम पहुंचा, जहां उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत की और उनके जीवन के अनुभवों को सुना।

छात्रों ने बुजुर्गों की दैनिक दिनचर्या, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और मनोरंजन गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कई छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिससे वृद्धाश्रम का वातावरण उत्साह और खुशी से भर गया।

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की दी गई जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 के तहत बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन, भरण-पोषण और देखभाल का कानूनी अधिकार प्राप्त है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि कोई वृद्धजन उपेक्षा, उत्पीड़न या घरेलू हिंसा का शिकार होता है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क विधिक सहायता और कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकता है।

आश्रम की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

वृद्धाश्रम के प्रभारी ने छात्रों को संस्थान की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यहां रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय सुविधाएं, योग और मनोरंजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।

इसके अलावा, उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन और आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ा गया है।

कानून की पढ़ाई को जमीनी अनुभव से जोड़ने का प्रयास

इंटर्नशिप कर रहे छात्रों ने कहा कि कानून की पढ़ाई तभी सार्थक होती है, जब उसे समाज की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर समझा जाए।

एक छात्र ने कहा कि बुजुर्गों के साथ समय बिताने के बाद यह महसूस हुआ कि सम्मान और साथ ही उनकी सबसे बड़ी जरूरत है। वहीं एक छात्रा ने कहा कि वह भविष्य में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों में सामाजिक सेवा करने के लिए प्रेरित हुई है।

समाज के कमजोर वर्गों से कराया जा रहा परिचय

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इंटर्नशिप कार्यक्रम को केवल अदालतों तक सीमित नहीं रखा गया है। छात्रों को जेल, बाल गृह, नारी निकेतन और वृद्धाश्रम जैसी संस्थाओं का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि वे समाज के कमजोर वर्गों की वास्तविक समस्याओं को समझ सकें।

इस पहल का उद्देश्य भावी विधिक पेशेवरों के भीतर ‘एक्सेस टू जस्टिस’ यानी न्याय तक पहुंच की भावना को मजबूत करना है।

बुजुर्गों ने दिया आशीर्वाद

भ्रमण के अंत में छात्रों ने वृद्धजनों को फल और आवश्यक वस्तुएं भेंट कीं। वरिष्ठ नागरिकों ने भी छात्रों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की फील्ड विजिट आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि युवा केवल कानून के जानकार ही नहीं बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी बन सकें।

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