संवाददाता: नितिन कुमार
रामपुर। जनपद रामपुर के बिलासपुर तहसील परिसर में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने सरकार की प्रस्तावित निबंधन मित्र योजना के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर जोरदार विरोध जताया। सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में वकील तहसील परिसर में एकत्र हुए और जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अरुण कुमार के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 के तहत प्रस्तावित निबंधन मित्र योजना जनविरोधी है और इससे रजिस्ट्री व्यवस्था निजी हाथों में चली जाएगी। उनका आरोप है कि बैनामा, इकरारनामा और रहनामा जैसे दस्तावेजों के पंजीकरण से तहसील परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और अन्य लोगों को रोजगार मिलता है। नई व्यवस्था लागू होने से हजारों लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो सकता है।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि यह योजना न केवल उनके रोजगार को प्रभावित करेगी, बल्कि तहसील परिसर की पारंपरिक कार्यप्रणाली और आम जनता की सुविधा पर भी प्रतिकूल असर डालेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनहित और रोजगार की सुरक्षा को देखते हुए इस योजना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो प्रदेशभर के वकील सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व बार अध्यक्ष राजेंद्र सक्सेना, सचिव राकेश शर्मा, लॉयर्स अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और सचिव प्रवेश चौहान ने किया। इस दौरान शिव कुमार गुप्ता, संतोष सिंह खैरा, हरकिशोर, संतोष जौहरी, जसप्रीत सिंह बाजवा, उदित जौहरी, हरिश्चंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
