रिपोर्ट: कबीर, ब्यूरो मुजफ्फरनगर
शराब बिक्री व्यवस्था की जांच के लिए चला विशेष अभियान
मुजफ्फरनगर जनपद में शराब बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाए रखने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने खतौली क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कई देशी शराब, कम्पोजिट और मॉडल शॉप्स का औचक निरीक्षण कर स्टॉक, बारकोड, क्यूआर कोड, पीओएस मशीन और सीसीटीवी व्यवस्थाओं की गहन जांच की।
अचानक हुई इस कार्रवाई से शराब विक्रेताओं में हलचल मच गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ओवररेटिंग या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खतौली क्षेत्र की कई दुकानों पर पहुंची टीम
निरीक्षण अभियान के दौरान आबकारी विभाग की टीम ने खतौली के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने दुकानों के संचालन, स्टॉक प्रबंधन और बिक्री प्रणाली की बारीकी से जांच की।
जैसे ही निरीक्षण दल दुकानों पर पहुंचा, वहां मौजूद कर्मचारियों और संचालकों में हलचल बढ़ गई। टीम ने अभिलेखों की जांच के साथ-साथ मौके पर उपलब्ध मदिरा का सत्यापन भी किया।
स्टॉक का किया गया भौतिक सत्यापन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों में मौजूद शराब के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और वास्तविक उपलब्ध मदिरा का मिलान किया गया ताकि किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति स्पष्ट हो सके।
जांच के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी उत्पाद निर्धारित रिकॉर्ड के अनुरूप उपलब्ध हों और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री या अनधिकृत स्टॉक न रखा गया हो।
बारकोड और QR कोड की हुई जांच
आबकारी विभाग की टीम ने प्रत्येक पेटी पर लगे बारकोड तथा बोतलों, अध्धों, पौव्वों और कैनों पर मौजूद क्यूआर कोड की भी जांच की। विभागीय एप्लीकेशन के माध्यम से रैंडम स्कैनिंग कर उत्पादों की वैधता और रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया।
जांच के दौरान सभी मदिरा उत्पाद वैध पाए गए और रिकॉर्ड से उनका मिलान भी सही मिला। अधिकारियों को किसी प्रकार की संदिग्ध या अवैध मदिरा नहीं मिली।
उपभोक्ताओं से भी ली गई जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शराब खरीदने आए उपभोक्ताओं से भी बातचीत की। उनसे शराब की गुणवत्ता, उपलब्धता और मूल्य को लेकर जानकारी प्राप्त की गई।
उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें निर्धारित दरों पर शराब उपलब्ध कराई जा रही है और फिलहाल किसी प्रकार की ओवररेटिंग या अन्य शिकायत सामने नहीं आई है। इससे अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
पीओएस मशीन और अभिलेखों का मिलान
टीम ने दुकानों में उपयोग की जा रही पीओएस मशीनों की भी जांच की। मशीनों में दर्ज बिक्री का रिकॉर्ड स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों से मिलाया गया।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी बिक्री का रिकॉर्ड विधिवत दर्ज हो रहा है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती जा रही है।
सीसीटीवी और अन्य व्यवस्थाओं की जांच
आबकारी विभाग ने दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही लाइसेंस, रेट लिस्ट, साइन बोर्ड तथा उपभोक्ता शिकायतों के लिए प्रदर्शित टोल फ्री नंबर की भी जांच की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सूचनाएं स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ओवररेटिंग पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान शराब विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी ब्रांड की कृत्रिम कमी पैदा करना, स्टॉक छिपाना या उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि लेना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी की जा सकती है।
आगे भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण
आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। विभाग का उद्देश्य शराब बिक्री प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और जांच अभियान चलाए जाते रहेंगे।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में आबकारी विभाग द्वारा चलाया गया औचक निरीक्षण अभियान शराब बिक्री व्यवस्था की निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्टॉक, बारकोड, क्यूआर कोड, पीओएस मशीन और सीसीटीवी व्यवस्थाओं की जांच में रिकॉर्ड संतोषजनक पाए गए।
हालांकि विभाग ने विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन, ओवररेटिंग या किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है।
