रिपोर्ट: वीरेंद्र तोमर
बागपत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बागपत के जीवाना स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन ने पर्यावरण सुरक्षा, वृक्षारोपण और स्वच्छता का संकल्प लेते हुए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
अधिक से अधिक वृक्षारोपण का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल के प्रबंधक डॉ. अनिल आर्य ने कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के वास्तविक आभूषण हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देना हम सभी का कर्तव्य है।
जल संरक्षण और स्वच्छता पर दिया जोर
विद्यालय के प्रधानाचार्य पवन कुमार त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण, स्वच्छता और पौधारोपण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को जल की बचत करने, पर्यावरण को स्वच्छ रखने और हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
प्लास्टिक का उपयोग कम करने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
साथ ही पौधों की नियमित देखभाल और हरियाली बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का भी प्रण लिया गया।
“प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सच्ची सेवा”
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण मानव जीवन के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।
“प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सच्ची सेवा” का संदेश देते हुए सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया गया।
विद्यार्थियों ने लिया हरित भविष्य का संकल्प
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल बचाने और स्वच्छता बनाए रखने का वचन दिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की जरूरत
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और समाज में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा हरित और स्वच्छ भविष्य के निर्माण का प्रेरणादायक संदेश देने में सफल रहा।
