रिपोर्ट: शारिक खान
रामपुर। जनपद के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड और टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए।
इसके साथ ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए नियमित टीकाकरण अभियान चलाकर शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता पर जोर
खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेताओं के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा एलपीजी गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
किसानों को समय पर मिले उर्वरक और बीज
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कृषि अधिकारी को किसानों को समय पर उर्वरक और उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसानों को जैविक खेती और जैविक खाद के उपयोग के लिए अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए ताकि खेती की लागत कम हो और भूमि की उर्वरता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
गौशालाओं की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने निराश्रित गौवंशों के संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि गौशालाओं में चारा, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर बदलने में देरी न हो
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की निर्बाध आपूर्ति लोगों की प्रमुख आवश्यकता है, इसलिए विभाग को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर दिया जोर
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कानून व्यवस्था और जनसुनवाई को प्राथमिकता
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की दो प्रमुख प्राथमिकताएं विकास और सुरक्षा हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से ही विकास कार्यों को गति मिल सकती है।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक थाना दिवस में होने वाली जनसुनवाई का फीडबैक प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारियों को जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और आम जनता के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर सख्ती
प्रभारी मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने महिला अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा बाल अपराध और साइबर अपराध के मामलों पर भी सख्ती बरतने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि समाज में कानून का राज स्थापित रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें कार्य
बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही सरकार की सफलता का आधार है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।
बैठक में शहर विधायक आकाश सक्सेना, मिलक विधायक राजबाला सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. नितिन मदान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
