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नजीबाबाद में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, कई वाहन और गोदाम जलकर खाक, व्यापारियों को भारी नुकसान

रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर

देर रात हुई घटना से मचा हड़कंप

बिजनौर जनपद के नजीबाबाद क्षेत्र में सोमवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड सामने आया। पालूमल कॉलोनी स्थित कबाड़ी मार्केट क्षेत्र में विद्युत तारों में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आसपास रखा सामान और कई वाहन इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने की घटना रात लगभग तीन बजे की है। अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी अचानक धुएं और आग की लपटों ने पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर तत्काल काबू पाना संभव नहीं हो सका।

गोदाम में रखा सामान जलकर हुआ राख

आग की चपेट में सबसे अधिक नुकसान स्थानीय व्यापारी असलम को हुआ। बताया जा रहा है कि उनके गोदाम में बड़ी मात्रा में रखा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। गोदाम में मौजूद पीवीसी तारों और अन्य सामग्री ने आग को और अधिक भड़काने का काम किया, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ गया।

व्यापारियों का कहना है कि आग लगने के कारण लाखों रुपये मूल्य का सामान नष्ट हो गया। हालांकि नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आर्थिक क्षति काफी बड़ी है।

दो वाहन भी आग की चपेट में आए

घटना के दौरान आसपास खड़े वाहन भी आग से नहीं बच सके। रफीक अहमद की 407 मालवाहक गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं तस्लीम की पिकअप वाहन भी आग की लपटों में घिरकर काफी हद तक जल गई।

वाहन मालिकों का कहना है कि उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जिन वाहनों से वे अपना व्यवसाय और परिवहन कार्य करते थे, उनके क्षतिग्रस्त होने से आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं।

सुबह मौके पर पहुंचे खुर्शीद मंसूरी

घटना की जानकारी मिलते ही साहनपुर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुरादाबाद मंडल प्रभारी खुर्शीद मंसूरी सुबह करीब सात बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।

खुर्शीद मंसूरी ने मौके पर ही विद्युत विभाग के एसडीओ शंभूनाथ को बुलाया और आग लगने के कारणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू

मौके पर पहुंचने के बाद खुर्शीद मंसूरी ने प्रभावित व्यापारियों को सरकारी सहायता दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कराई। उन्होंने बताया कि नुकसान झेलने वाले लोगों के लिए फॉर्म-44 भरवाने की कार्रवाई कराई जा रही है ताकि उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली राहत और मुआवजा राशि प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभागों को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए तथा प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध करानी चाहिए। स्थानीय व्यापारियों ने भी मांग की कि नुकसान का सही आंकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।

विद्युत सुरक्षा को लेकर दी गई महत्वपूर्ण सलाह

घटना के बाद खुर्शीद मंसूरी ने आम नागरिकों से विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग बिजली के तारों के नीचे सामान रख देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि किसी भी प्रकार का ज्वलनशील या मूल्यवान सामान बिजली के तारों के नीचे न रखें। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

बढ़ते विद्युत लोड को बताया चिंता का विषय

खुर्शीद मंसूरी ने कहा कि वर्तमान समय में विद्युत खपत लगातार बढ़ रही है। कई स्थानों पर बिजली का लोड सामान्य क्षमता से कहीं अधिक हो चुका है। ऐसे में पुराने तारों और उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

उन्होंने विद्युत विभाग से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का तकनीकी निरीक्षण कराने और कमजोर तारों एवं उपकरणों को बदलने की मांग की। उनका कहना था कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।

स्थानीय लोगों ने उठाई व्यवस्था सुधारने की मांग

घटना के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की कि प्रभावित व्यापारियों को शीघ्र राहत दी जाए और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित एवं आधुनिक बनाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम और बढ़ते विद्युत लोड के दौरान शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। बिजली के तारों, मीटरों और ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।

नजीबाबाद की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि विद्युत सुरक्षा को लेकर लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रभावित व्यापारी प्रशासन से सहायता और मुआवजे की उम्मीद लगाए हुए हैं, जबकि क्षेत्रवासी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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