रिपोर्ट: हरीश राज चक्रवर्ती
हमीरपुर में देर रात बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक ढह जाने से वहां सो रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तड़के करीब तीन बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार हादसा थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैथी गांव को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल पर शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि उस समय क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश हो रही थी। इसी दौरान पुल का निर्माणाधीन स्लैब अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई मजदूर स्लैब के नीचे और उसके आसपास विश्राम कर रहे थे। स्लैब गिरते ही मजदूर मलबे में दब गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों ने शुरू किया राहत कार्य
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई। बचाव दल ने जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। कई घंटों तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा।
छह मजदूरों की मौत की पुष्टि
हादसे में लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत और पुष्पेंद्र सिंह चौहान समेत कुल छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घायलों का उपचार जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन द्वारा घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
एक मजदूर के मलबे में दबे होने की आशंका
राहत कार्य के दौरान प्रशासन को आशंका है कि राजेश पाल नामक एक मजदूर अभी भी मलबे में दबा हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए SDRF और अन्य बचाव दलों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे की जांच नहीं हो जाती, तब तक राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को SDRF के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा प्राकृतिक कारणों से हुआ या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल
दुर्घटना के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
