रिपोर्ट: ब्यूरो रिपोर्ट / निश्पक्ष रिपोर्टर
श्रावस्ती जनपद में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों, महिलाओं एवं अन्य नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं।
जनता दर्शन के दौरान कुल 14 शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त हुईं। इनमें राजस्व, विद्युत, विकास, पुलिस, सामाजिक कल्याण तथा ग्राम पंचायत से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए और तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लिया जाए ताकि लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो सके।
सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक नियमित रूप से जनसुनवाई करें। इस दौरान आने वाले फरियादियों की शिकायतों को सुनकर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता न बने, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को लगातार मॉनिटरिंग करने और शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीणों और महिलाओं ने रखीं अपनी समस्याएं
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचीं। कई महिलाओं ने आवास, राशन कार्ड, पेंशन और घरेलू विवादों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं। वहीं ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी और भूमि विवाद से संबंधित समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।
डीएम ने सभी शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं एवं बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर
जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और शिकायतों के समाधान की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की पहचान है। यदि किसी विभाग में शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो संबंधित अधिकारी उसकी समीक्षा करें और जमीनी स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाएं।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान
डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखें और हर शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि लोगों को निष्पक्ष और प्रभावी प्रशासन मिले।
जनता दर्शन कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जनता दर्शन से लोगों को मिल रही राहत
जिले में नियमित रूप से आयोजित हो रहे जनता दर्शन कार्यक्रम से आम लोगों को काफी राहत मिल रही है। पहले जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब सीधे जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस पहल से समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है और अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ी है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इसी तरह सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करता रहेगा।
