रिपोर्ट: कबीर
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से नाबालिग किशोरी की जबरन शादी कराने का गंभीर मामला सामने आया है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव संधावली में चाइल्ड लाइन टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय किशोरी को बरामद कर सुरक्षित संरक्षण में लिया। मामले में किशोरी की मौसी पर रुपये लेकर शादी कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बिहार की रहने वाली है किशोरी
जानकारी के अनुसार किशोरी मूल रूप से सहरसा की निवासी बताई जा रही है। परिवार मजदूरी के सिलसिले में देहरादून में रह रहा था।
बताया गया कि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते किशोरी अपनी मौसी के पास रह रही थी। इसी दौरान उसे मुजफ्फरनगर लाकर एक युवक से शादी कराने की तैयारी की जा रही थी।
गुप्त सूचना पर हरकत में आई चाइल्ड लाइन टीम
मामले की जानकारी मिलने के बाद चाइल्ड लाइन टीम सक्रिय हुई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की और गांव संधावली पहुंचकर किशोरी को अपने संरक्षण में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने किशोरी को सुरक्षित बाहर निकालकर आगे की प्रक्रिया शुरू की। मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई।
बाल कल्याण समिति की निगरानी में किशोरी
किशोरी को बाद में बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां फिलहाल उसे सुरक्षित कस्टडी में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार किशोरी की काउंसिलिंग कराई जा रही है ताकि पूरे मामले की सही जानकारी सामने आ सके।
बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रीना देवी ने बताया कि किशोरी पूरी तरह सुरक्षित है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि किशोरी के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।
रुपये लेकर शादी कराने के आरोप
मामले में किशोरी की मौसी पर आरोप लगाया जा रहा है कि उसने रुपये लेकर नाबालिग की शादी कराने की कोशिश की। हालांकि अभी जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही
मंसूरपुर थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन त्यागी ने बताया कि पुलिस को फिलहाल कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि शिकायत दी जाती है तो मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
बाल विवाह को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे मामलों को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि आर्थिक और सामाजिक मजबूरियों के कारण कई बार नाबालिग बच्चियों को जबरन शादी या अन्य मामलों में धकेला जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई और जागरूकता बेहद जरूरी है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि किशोरी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
