रिपोर्ट: इरफान पठान
उत्तर प्रदेश के जालौन में ठगी पीड़ित जमाकर्ताओं का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। बड्स एक्ट 2019 लागू होने के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भुगतान न मिलने से नाराज ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान “भुगतान करो या सत्ता छोड़ो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम खुला ज्ञापन भी सौंपा।
भुगतान न मिलने से नाराज हैं जमाकर्ता
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि उन्होंने विभिन्न कंपनियों और योजनाओं में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी निवेश की थी, लेकिन आज तक उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिल पाया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि बड्स एक्ट लागू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार उनकी रकम वापस दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएगी, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से वे न्याय और भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
सत्याग्रह कर सरकार तक पहुंचाई आवाज
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से जल्द भुगतान कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आर्थिक नुकसान के कारण कई परिवार गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी जमा पूंजी डूबने से परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो गई है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
आंदोलन के दौरान संगठन की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक खुला ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ठगी पीड़ितों को जल्द भुगतान दिलाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
31 जुलाई को संसद घेराव की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 31 जुलाई 2026 को संसद घेराव किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने कहा कि देशभर के ठगी पीड़ित परिवार इस आंदोलन में शामिल होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं और अब आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
बड्स एक्ट को लेकर उठे सवाल
इस आंदोलन के बाद एक बार फिर बड्स एक्ट 2019 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि कानून बनने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय और भुगतान दिलाना बेहद जरूरी है, अन्यथा लोगों का भरोसा कमजोर होता है।
प्रशासनिक स्तर पर बनी नजर
प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आया। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
फिलहाल ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है। वहीं पीड़ित परिवार सरकार से जल्द समाधान और भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
