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बागपत में बिजली कटौती से बढ़ी किसानों और ग्रामीणों की परेशानी, चार गांव प्रभावित

रिपोर्ट: वीरेंद्र तोमर, बागपत

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में लगातार हो रही बिजली कटौती ने किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से बड़ावद फीडर क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से अनियमित विद्युत आपूर्ति से परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों को केवल तीन घंटे मिल रही बिजली

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में किसानों को मात्र तीन घंटे ही बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इस वजह से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत अधिक होने के कारण किसान काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

कई किसानों का कहना है कि बिजली की अनियमित सप्लाई के कारण उन्हें रात-रात भर खेतों में इंतजार करना पड़ता है। बावजूद इसके सिंचाई का काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें भी केवल आठ घंटे बिजली मिल रही है। लगातार हो रही कटौती के कारण घरों में पेयजल, पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण प्रभावित हो रहे हैं। भीषण गर्मी में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है।

चार गांवों के लोग सबसे ज्यादा परेशान

बताया जा रहा है कि बड़ावद फीडर से जुड़े चार गांव बिजली संकट से सबसे अधिक प्रभावित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

फसलों पर पड़ रहा असर

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस समय खेतों में सिंचाई बेहद जरूरी है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से ट्यूबवेल सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे फसलें सूखने लगी हैं। किसानों को डर है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कई किसानों ने बताया कि निजी साधनों से सिंचाई कराना काफी महंगा पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ती जा रही है।

शिकायतों के बाद भी नहीं हो रहा समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि कटौती लगातार जारी रहती है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में नियमित बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है और विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि किसानों को पर्याप्त समय तक बिजली दी जाए ताकि सिंचाई कार्य प्रभावित न हो और गांवों में भी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बढ़ती गर्मी में लोगों की परेशानी दोगुनी

इन दिनों प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

फिलहाल क्षेत्र के लोग बिजली व्यवस्था में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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