Homeउत्तर प्रदेशबेहतर शिक्षा की मजबूत नींव बने अनुदेशक, योगी सरकार ने बढ़ाया मानदेय

बेहतर शिक्षा की मजबूत नींव बने अनुदेशक, योगी सरकार ने बढ़ाया मानदेय

ब्यूरो रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर में प्रदेश सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी राहत और सम्मान देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत जनपद में भी अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

सरकार द्वारा अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने की घोषणा को कार्यक्रम में ऐतिहासिक फैसला बताया गया। समारोह में जिलेभर से आए शिक्षक, शिक्षिकाएं और अनुदेशक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री का संबोधन लाइव दिखाया गया

कार्यक्रम में लोक भवन लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह और कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय के संबोधन का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों को राष्ट्र निर्माण की मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने अनुदेशकों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की। साथ ही महिला अनुदेशकों को छह माह का सवेतन मातृत्व अवकाश और स्वेच्छानुसार विद्यालय परिवर्तन की सुविधा भी देने का ऐलान किया।

शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय जैसी योजनाएं बच्चों के भविष्य को नई दिशा देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अनुदेशकों की वर्षों पुरानी मांग को मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया है।

सम्मानजनक पारिश्रमिक देने का निर्णय

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि शिक्षा विभाग में सकारात्मक बदलाव के बिना समाज में व्यापक परिवर्तन संभव नहीं है।

वहीं कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि लंबे समय से कम मानदेय पर कार्य कर रहे अनुदेशकों की समस्याओं को सरकार ने गंभीरता से समझा है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक देने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।

108 अनुदेशक हुए सम्मानित

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों, अधिकारियों, मीडिया कर्मियों और अनुदेशकों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा भरने का काम करेगी। कार्यक्रम के अंत में जनपद के 108 अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चेक और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह

सरकार की घोषणाओं के बाद कार्यक्रम में मौजूद अनुदेशकों में उत्साह देखने को मिला। कई शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग की जा रही थी और अब सरकार के इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प भी लिया गया।

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