Homeउत्तर प्रदेशरामपुर में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत, अस्पताल में हंगामा

रामपुर में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत, अस्पताल में हंगामा

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

रामपुर के थाना गंज क्षेत्र स्थित डिग्री कॉलेज के पास संचालित किलकारी जच्चा बच्चा केंद्र में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

परिजनों का आरोप है कि नॉर्मल डिलीवरी कराने के दौरान इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई। मामले को लेकर लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

डॉक्टर पर लगे गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार ने जिला अस्पताल से जुड़ी सरकारी डॉक्टर नीलोफर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले नॉर्मल डिलीवरी के मरीजों को निजी किलकारी जच्चा बच्चा केंद्र पर भेजा जाता था।

परिवार का आरोप है कि इसी प्रक्रिया के तहत महिला को भी निजी केंद्र लाया गया, जहां डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

अस्पताल में मचा हड़कंप

नवजात की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

अस्पताल संचालक और डॉक्टर बताए जा रहे फरार

घटना के बाद अस्पताल संचालक और संबंधित डॉक्टर के अस्पताल से फरार होने की बात सामने आ रही है। परिजनों का आरोप है कि मामला बढ़ता देख अस्पताल से जुड़े लोग मौके से चले गए।

स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया कि अस्पताल में पहले भी कई मामलों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि इससे पहले भी यहां इलाज में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल के दस्तावेज, इलाज प्रक्रिया और स्टाफ की भूमिका की जांच कर रही है।

परिजनों में भारी आक्रोश

घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अस्पताल को सील करने की मांग की है।

महिला के परिजनों का कहना है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी। घटना के बाद इलाके में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस मामले की जांच में जुटी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है और लोग स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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