रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर जनपद में बरसात के मौसम से पहले ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभाग ने जिलेभर में व्यापक जागरूकता और सफाई अभियान शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सभी ब्लॉकों, गांवों और कस्बों में स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी डेंगू जैसी गंभीर बीमारी को बढ़ावा दे सकती है। यही वजह है कि लोगों को घर और आसपास जमा साफ पानी को तुरंत हटाने तथा नियमित सफाई रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
“जांच करें, सफाई करें और ढकें” बना अभियान का मुख्य संदेश
इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम “डेंगू नियंत्रण के लिए जन सहभागीदारी: जांच करें, सफाई करें और ढकें” रखी गई है। स्वास्थ्य विभाग इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में जुटा हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। यदि लोग अपने घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तो डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जागरूकता अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को बताया कि पानी जमा होने वाले स्थानों को नियमित रूप से साफ करना क्यों जरूरी है।
साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों को यह महत्वपूर्ण जानकारी भी दी कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर गंदे पानी में नहीं बल्कि साफ और रुके हुए पानी में पनपता है।
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि केवल गंदगी से ही मच्छर पैदा होते हैं, लेकिन डेंगू का मच्छर घरों में रखे कूलर, फ्रिज की ट्रे, फूलों के गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों और छतों पर जमा पानी में तेजी से बढ़ता है।
इसी कारण स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन “ड्राई डे” जरूर मनाएं। इस दिन घर के सभी पानी वाले बर्तनों, कूलर और अन्य स्थानों को पूरी तरह खाली कर साफ किया जाए ताकि मच्छरों के लार्वा न पनप सकें।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें
डेंगू रोकथाम अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों और शहरी क्षेत्रों में लगातार दौरा कर रही हैं। टीमों द्वारा जलभराव वाले स्थानों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मी लोगों को यह भी समझा रहे हैं कि डेंगू से बचने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना, मच्छरदानी का उपयोग करना और घर के आसपास सफाई रखना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा स्कूलों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
डेंगू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करानी चाहिए।
अलका सिंह ने रेडियो एसडी एफएम पर लाइव स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में उन्होंने डेंगू से बचाव के उपायों, लक्षणों और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार मिलने से मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकता है, जबकि लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच और उपचार
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद के सभी ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालयों और जिला अस्पताल में डेंगू की जांच और उपचार की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के बुखार या संदिग्ध लक्षण होने पर निजी झोलाछाप चिकित्सकों के चक्कर लगाने के बजाय सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराएं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि डेंगू को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही भरोसा करें।
बरसात से पहले बढ़ाई गई तैयारियां
स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए पहले से ही अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच किट और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
इसके साथ ही मलेरिया और डेंगू नियंत्रण टीमों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो डेंगू जैसी बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
जनसहभागिता से ही मिलेगा डेंगू पर नियंत्रण
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि डेंगू पर पूरी तरह नियंत्रण तभी संभव है जब आम लोग भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। केवल सरकारी कार्रवाई से बीमारी पर काबू पाना मुश्किल है।
इसीलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घर, मोहल्ले और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और किसी भी लक्षण पर तुरंत जांच कराएं।
प्रशासन को उम्मीद है कि जागरूकता और जनसहयोग के जरिए इस बार डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
