रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। सरकारी अस्पतालों की बदहाली को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय एकता परिषद ने विरोध प्रदर्शन करते हुये कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और अव्यवस्थाओं को दूर करने की मांग उठाई।
अखिल भारतीय एकता परिषद के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आपात स्थिति में जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पाता और उन्हें तुरंत कानपुर रेफर कर दिया जाता है। इससे कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
संगठन की जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष दीपा तिवारी ने कहा कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसकी वजह से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह के भीतर तीन मौतें हो चुकी हैं, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में आईसीयू होने के बावजूद उस पर ताला पड़ा रहता है और गंभीर मरीजों को इलाज के बजाय रेफर कर दिया जाता है।
ज्ञापन देने पहुंचे जय प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि सरकार सरकारी अस्पतालों पर अरबों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कई डॉक्टर ड्यूटी में लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ डॉक्टर अपने घरों से प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिससे सरकारी अस्पताल केवल रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकारी अस्पतालों में तैनात सभी डॉक्टरों को नियमित रूप से ड्यूटी पर रहने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं और रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की जाये।

