रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। सोमवार को सम्राट अशोक महान की जयंती को लेकर सियासी और सामाजिक सरगर्मी देखने को मिली। संयुक्त हिंदू महासंघ और शिव सेना के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए सम्राट अशोक की जयंती पर देशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “चक्रवर्ती सम्राट अशोक अमर रहें” के नारों से माहौल गूंजा दिया। पदाधिकारियों का कहना था कि सम्राट अशोक महान ने अखंड भारत की स्थापना कर इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा, लेकिन आज भी उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसकी वे हकदार हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि देश में केवल बिहार राज्य में ही इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित है, जबकि अन्य राज्यों में न तो अवकाश रहता है और न ही सरकारी स्तर पर कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
संगठनों ने मांग की कि सम्राट अशोक की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए, साथ ही उनके जीवन और योगदान को शिक्षा प्रणाली में शामिल कर नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराया जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि अशोक स्तंभ भारत की पहचान है, बावजूद इसके उनके योगदान को नजरअंदाज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस दौरान मनोज सैनी, डॉ. योगेंद्र शर्मा, अखिलेश जाटव, राजेश कश्यप, लोकेश सैनी, वीरेंद्र त्यागी, हरीश पालीवाल, पुष्पेंद्र सैनी, आशीष शर्मा, गीता गुर्जर, कल्पना ठाकुर, अनुकूल जोशी, भोला बालियान, विजय तोमर, विवेक शर्मा, रोहित त्यागी, शिवम शर्मा, राहुल सैनी, मोनू चौधरी और आकाश सैनी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

