रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। रतनपुरी थाना क्षेत्र के नगला गांव में आबादी के नजदीक बने हडवाड़े को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मृत पशुओं को डालने की जगह को गांव की आबादी से बाहर कराने अथवा बंद कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि हडवाड़े में नगला समेत आसपास के गांवों के मृत पशु लंबे समय तक पड़े रहते हैं। इससे उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार नगला-भनवाड़ा मार्ग पर स्थित हडवाड़ा अब गांव की आबादी के बिल्कुल छोर तक पहुंच गया है। यहां नगला, रियावली और नसीरपुर समेत तीन गांवों के मृत पशु डाले जाते हैं। आरोप है कि मृत पशुओं को कई-कई दिनों तक मौके से नहीं हटाया जाता। मांस पूरी तरह खत्म होने तक शव वहीं पड़े रहने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैलती रहती है।
शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय तक मृत पशुओं के पड़े रहने से हडवाड़े के आसपास मच्छरों, कीड़ों और गंदगी का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसका असर लोगों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ रहा है और कई तरह की बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और आए दिन कोई न कोई अप्रिय स्थिति पैदा होने की बात सामने आती है। उनका कहना है कि यदि हडवाड़े को आबादी से बाहर नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने गांव के लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
डीएम को दिए शिकायती पत्र में मुरसलीन पुत्र जमशैद, आकिल पुत्र खुर्शद, आमिर पुत्र मोहब्बत समेत अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि हडवाड़े का स्थलीय निरीक्षण कराकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि मृत पशुओं को डालने की व्यवस्था आबादी से दूर की जाए, ताकि ग्रामीणों को दुर्गंध, गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।
