रिपोर्ट – राकेश कुमार
बिजनौर। बिजनौर में एक ऐसा गैंग जो पिछले कई सालों से वाहनों की फाइनेंस वाली कार या बाइक को निशाना बनाकर ठग अपने आप को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर या तो साथ मे बाईक ही छीन लेते थे या फिर भारी भरकम रकम ऐंठ कर रफू चक्कर हो जाया करते शातिर ठग रेपो ऐप के ज़रिए वाहन का लेखा जोखा निकालकर फाईन्स के वाहन पर ही ठगी किया करते थे।पुलिस ने चार ठगों को समाज के सामने बेनकाब किया है।
वीओ 1- पुलिस के हत्थे चढ़े ये है बिजनौर के नगीना के रहने वाले चार ठग जो बड़े ही नए अंदाज में लोगो के साथ ठगी क्या करते थे ताकि इन ठगों की करतूत किसी को न पता चल सके।अब जरा इन ठगों का ठगी करने का अंदाज़ भी जान लिजीये जो बेहद दिलचस्प और चौकाने वाला है।ये चारो ठग सूट बूट पहनकर सड़क किनारे खड़े हो जाते और एक रेपो एप के ज़रिए वाहन की नम्बर प्लेट से ये पता लगा लेते की वाहन पर फाईन्स है और फिर अपने आप को फाईन्स कर्मचारी बताकर जबरन वाहन को अपने कब्जे में ले लेते या फिर भारी भरकम रकम ऐंठ कर वाहन को स्वामी को सौप देते।ये चारों ठग पिछले कई सालों से वाहनों को बेच देते थे।लेकिन इन ठगों को बेनकाब उस वक़्त होना पड़ा जब असली फाईन्स वालो ने वाहन स्वामी को पकड़कर फाईन्स की किश्त जमा करने के लिए कहा पीड़ित वाहन स्वामी ने पुलिस से शिकायत की तो इस तरह चारो ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर समाज के सामने बेनकाब किया है।
