रिपोर्ट – शुभम सिंह
बांदा। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और बांदा-चित्रकूट के जनप्रिय नेता मयंक द्विवेदी का समाजवादी पार्टी में शामिल होना बुंदेलखंड की राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। क्षेत्र में जमीनी पकड़ रखने वाले मयंक द्विवेदी ने राजनीति को हमेशा जनसेवा का माध्यम माना है।
विरोधी दलों द्वारा राजनीतिक विद्वेष के तहत लगाए गए तमाम आरोपों और पुराने विवादों को दरकिनार करते हुए, मयंक ने अपनी कार्यशैली और ईमानदारी से जनता का दिल जीता है। लगातार दो बार से जिला पंचायत सदस्य के रूप में मिली जीत यह साबित करती है कि स्थानीय जनता का उन पर अटूट विश्वास है।
मयंक द्विवेदी की मुख्य ताकत बुंदेलखंड के विकास के प्रति उनका अटूट समर्पण है। वह लंबे समय से क्षेत्र के बुनियादी मुद्दों, जैसे- किसानों की समस्याएं, रोजगार के अवसर, पेयजल संकट और ढांचागत विकास के लिए आवाज उठाते रहे हैं। बसपा में रहने के दौरान भी उन्होंने बांदा और चित्रकूट के ग्रामीण इलाकों में लगातार प्रवास किया और जन-समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान कराया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में ढाई लाख से अधिक वोट हासिल करना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जनता उन्हें किसी विवाद से नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और सेवा भावना से देखती है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा का दामन थामते हुए मयंक ने स्पष्ट किया कि बुंदेलखंड को केवल वादों की नहीं, बल्कि ठोस विकास नीतियों की जरूरत है।
अखिलेश यादव के नेतृत्व में बन रहे ‘पीडीए’ और सर्वसमाज के गठबंधन को मजबूत करने के लिए मयंक द्विवेदी ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा कि बुंदेलखंड का विकास तभी संभव है जब यहां से मिलने वाले राजस्व का सही उपयोग यहीं के इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं के भविष्य को संवारने में किया जाए।
मयंक द्विवेदी के सपा में आने से बांदा-चित्रकूट क्षेत्र में समाजवादी पार्टी को एक मजबूत, शिक्षित और सर्वप्रिय ब्राह्मण चेहरा मिला है। उनके आने से पार्टी के कैडर में नया उत्साह है और 2027 के विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड में सपा का जनाधार मजबूत होना तय माना जा रहा है। विरोधियों के अनर्गल बयानों से बेपरवाह मयंक द्विवेदी अब बुंदेलखंड के हक, सम्मान और प्रगति की नई लड़ाई लड़ने के लिए पूरी मजबूती से मैदान में उतर चुके हैं।
