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निपुण भारत मिशन समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, कमजोर ग्रेड वाले बच्चों पर विशेष फोकस के निर्देश

शाहजहांपुर प्रदेश में 72वें स्थान से पहुंचा 11वें स्थान पर, अगस्त में होगा अगला निपुण एसेसमेंट टेस्ट

शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत निपुण भारत मिशन की मासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में गत 16 मई को आयोजित निपुण एसेसमेंट टेस्ट के परिणामों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि निपुण एसेसमेंट टेस्ट में जनपद के बच्चों ने पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर प्रदेश में 72वें स्थान से सुधरकर 11वें स्थान पर पहुंच गया है, जो शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अधिकारियों से निरंतर प्रयास करते हुए जनपद को प्रदेश में प्रथम स्थान तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।

समीक्षा के दौरान विकास क्षेत्र कांट, जैतीपुर और ददरौल में सी, डी एवं ई ग्रेड में अधिक संख्या में बच्चों के पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर शिक्षा स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सी, डी एवं ई ग्रेड में आने वाले प्रत्येक छात्र को एक शिक्षक से मैप किया जाए तथा उनकी प्रगति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, जिससे नियमित मॉनिटरिंग संभव हो सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निपुण एसेसमेंट टेस्ट का अगला आयोजन अगस्त 2026 के तृतीय शनिवार को कराया जाए। उन्होंने बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के लिए पेयरिंग, समूह आधारित शिक्षण तथा अन्य नवाचारात्मक शिक्षण विधियों के प्रयोग पर विशेष जोर दिया।

बैठक में बरसात के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को तीन दिन के भीतर ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जहां पहुंच मार्ग असुरक्षित है या विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या होती है। उन्होंने जलभराव वाले विद्यालयों की समस्याओं का समाधान खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उन्होंने गत वर्ष लगाए गए हरिशंकरी पौधों की जियो टैग्ड फोटो उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही जर्जर विद्यालय भवनों को चिन्हित कर बच्चों को ऐसे भवनों से पूरी तरह दूर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुलने पर सभी शिक्षकों के लिए विशेष यूट्यूब प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया जाएगा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा तैयार शैक्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया। इस कैलेंडर में विद्यालयों में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली शैक्षिक गतिविधियों, विशेष दिवसों और आकलन संबंधी दिशा-निर्देशों को शामिल किया गया है।

बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयशंकर श्रीवास्तव, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य, समस्त जिला समन्वयक, एसआरजी तथा एआरपी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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