Monday, May 11, 2026

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धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती, शौर्य और स्वाभिमान की गाथा को किया याद

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धामपुर/बिजनौर | रिपोर्ट – राकेश कुमार

बिजनौर जिले के धामपुर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पूरे श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। स्थानीय आरएसएम तिराहा स्थित महाराणा प्रताप चौक प्रतिमा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और महाराणा प्रताप के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं से महाराणा प्रताप के जीवन सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि उनका जीवन आज भी राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष की सबसे बड़ी प्रेरणा है।सामूहिक पूजन और हवन के साथ हुआ शुभारंभशुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक पूजन एवं हवन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य यजमान पूर्व विधायक एवं विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ इंद्रदेव सिंह रहे।हवन कुंड में आहुतियां देकर महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरा परिसर धार्मिक और देशभक्ति के माहौल से गूंज उठा।“महाराणा प्रताप स्वाभिमान के प्रतीक”मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अभियान के जिला चेयरमैन एवं पूर्व विधायक डॉ. इंद्रदेव सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में जब भी वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की चर्चा होती है, तो महाराणा प्रताप का नाम सबसे पहले सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है।उन्होंने कहा,“महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के राजा नहीं थे, बल्कि हिंदू स्वाभिमान, स्वतंत्रता और अदम्य साहस के प्रतीक थे। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और पराक्रम की ऐसी प्रेरणादायक गाथा है जो सदियों बाद भी लोगों के दिलों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करती है।”युवाओं को प्रेरणा लेने का संदेशडॉ. इंद्रदेव सिंह ने उपस्थित लोगों, विशेषकर युवाओं से महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण से सीख लेने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को महाराणा प्रताप के विचारों, जीवन मूल्यों और ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।देशभक्ति और गौरव का दिखा माहौलकार्यक्रम के दौरान “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “जय महाराणा” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।आयोजन स्थल पर सामाजिक और सांस्कृतिक एकता की झलक देखने को मिली। बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।कई गणमान्य लोग रहे मौजूदइस अवसर पर दीपेंद्र सिंह चौहान, धनंजय सिंह, भूपेंद्र सिंह चौहान, नागेश्वर दयाल, अजय पाल सिंह, डॉ. एसके राजपूत, महेश सिंह, विकास जैन, रघुवीर सिंह, चंद्रभान सिंह, डॉ. अशोक कुमार, धर्मपाल सिंह, मदनपाल सिंह, कमलेश कुमार और नरेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सभी वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन को राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की मिसाल बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापनकार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ किया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और महान वीरों के योगदान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।धामपुर में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह केवल एक धार्मिक या सामाजिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, वीरता और स्वाभिमान का संदेश देने वाला प्रेरणादायक कार्यक्रम बन गया।

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