Monday, May 11, 2026

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गरीब बुजुर्गों की आंखों में लौटी रोशनी की उम्मीद, निशुल्क नेत्र जांच और कृत्रिम आंख शिविर का आयोजन

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मुजफ्फरनगर | ब्यूरो – कबीर

मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में इंसानियत और सेवा की मिसाल पेश करते हुए गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क नेत्र जांच एवं कृत्रिम आंख शिविर का आयोजन किया गया। गांव जट मुझेडा में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और जरूरतमंद मरीज पहुंचे, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी आंखों की जांच कर आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श दिया।अमूल्य जीवन सेवा ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित इस शिविर का उद्घाटन बाबूराम प्रजापति ने फीता काटकर किया। शिविर के दौरान सेवा और मानवता का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।बड़ी संख्या में पहुंचे मरीजशिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में बुजुर्ग और जरूरतमंद मरीज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने सभी मरीजों की आंखों की जांच की और उनकी समस्याओं के अनुसार दवाइयां तथा चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई।आयोजकों के अनुसार शिविर में करीब 90 मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 30 मरीजों की कृत्रिम आंख बनाई जाएगी। बाकी मरीजों को आवश्यक उपचार और परामर्श दिया गया।“गरीबों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म”कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबूराम प्रजापति ने कहा कि गरीब परिवारों के बुजुर्गों के लिए निशुल्क कृत्रिम आंख बनवाना बेहद सराहनीय और मानवीय कार्य है।उन्होंने कहा,“समाज में ऐसे सेवा कार्य लगातार चलते रहने चाहिए ताकि जरूरतमंद और असहाय लोगों को सहारा मिल सके। गरीबों और बुजुर्गों की मदद करना सबसे बड़ा मानव धर्म है।”उन्होंने आयोजन समिति और डॉक्टरों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।सेवा कार्यों को बढ़ाने पर जोरराष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि आज के समय में गरीब और असहाय लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है।उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।डॉक्टरों की टीम ने की जांचशिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच कर उन्हें उचित सलाह दी। जिन मरीजों को कृत्रिम आंख की आवश्यकता थी, उनका चयन किया गया।डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज और सही परामर्श मिलने से कई नेत्र संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है। शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था।सामाजिक सेवा का बना उदाहरणभोपा क्षेत्र में आयोजित यह शिविर सामाजिक सेवा और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन गरीबों के लिए बेहद मददगार साबित होते हैं।कई बुजुर्गों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण वे इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन इस शिविर के माध्यम से उन्हें जांच और उपचार की सुविधा मिली।कई गणमान्य लोग रहे मौजूदकार्यक्रम में गोविंद प्रजापति, डॉ. बिजेंद्र प्रजापति, डॉ. योगेंद्र सिंह प्रजापति, डॉ. संतोष, पियूष, सूरज, प्रवीन प्रजापति, रविंद्र प्रजापति, डॉ. रणवीर सिंह, सहदेव प्रजापति और हसन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।सभी ने इस प्रकार के सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही।समाज में बढ़ रही सेवा भावनामुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में आयोजित यह निशुल्क नेत्र जांच और कृत्रिम आंख शिविर केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला आयोजन बन गया।गरीब और बुजुर्ग लोगों की आंखों में इलाज और बेहतर जीवन की उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी, जिसने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।

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