Monday, May 11, 2026

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जन्मजात बीमारी है क्लब्फ़ूट इसका इलाज संभव है- मुख्य चिकित्साधिकारी

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रिपोर्ट :- (प्रदीप गुप्ता)

श्रावस्ती। अनुष्का फाउंडेएशन और एसबीआई फाउंडएशन के माध्यम से संयुक्त जिला चिकित्सालय श्रावस्ती में डॉo अजय प्रताप सिंह मुख्य चिकित्साधिकारी, डॉo पुष्पलता RBSK नोडल के मौजूदगी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम RBSK के अंतर्गत क्लब फूट क्लिनिक में हुआ बच्चों का निशुल्क इलाज। आज जब हम विश्व जन्म दोष दिवस मना रहे हैं, अनुष्का फाउंडेशन अपने सभी दानदाताओं और समर्थकों का आभारी है जो यह सुनिश्चित करने के हमारे उद्देश्य में हमारा समर्थन करते हैं कि क्लबफुट के साथ पैदा होने के परिणाम स्वरूप कोई भी बच्चा बड़ा होकर विकलांग न हो। इसके लिए संयुक्त जिला चिकित्साल श्रावस्ती में नेशनल बर्थ डिफेक्ट जागरुकता अभियान के चलते कुछ गतिविधियों का आयोजन किया जिससे लोगो में बर्थ डिफेक्ट के बारे में जागरूकता बढ़ी है। अनुष्का फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन जो भारत में क्लबफुट को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रत्येक शनिवार कमरा नंबर 14 में क्लब्फूट क्लिनिक में बच्चो का निशुल्क इलाज किया जाता है। एसबीआई फाउंडेशन के साथ साझेदारी में, यहां आर्थोपेडिक डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाता है। क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है जो भारत में 800 नवजात शिशुओं में से 1 को प्रभावित करता है। इलाज न किए जाने या अधूरा इलाज दिए जाने से बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें आजीवन विकलांगता का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उचित उपचार से क्लबफुट का पूरी तरह से इलाज संभव है और आजीवन विकलांगता से आसानी से बचा जा सकता है। क्लबफुट को खत्म करने के लिए अनुष्का फाउंडेशन ने अपने क्लबफुट कार्यक्रम को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के साथ साझेदारी की, क्लबफुट और उनके उपचार कार्यक्रम के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) योजना, आशा कार्यकर्ताओं, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में परिचालन क्लबफुट क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। ऐसा ही एक क्लिनिक उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में स्थापित किया गया है। इसमें प्रथम चरण में कास्टिंग दूसरे चरण में टेनोटॉमी और तीसरे चरण में बच्चो को पांच साल तक जूते और बार दिए जाते है। क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है जो 800 बच्चों में से एक बच्चा होता है RBSK और अनुष्का फाउंडेशन के द्वारा क्लब फूड से बीमार बच्चों का इलाज जिला अस्पताल श्रावस्ती में निशुल्क रूप से कराया जाता है, इलाज तीन चरणों में कंप्लीट करते हैं। पहला चरण होता है कास्टिंग जिसको हम प्लास्टर कहते हैं दूसरा चरण होता है टेनाटोमी तीसरा चरण होता है ब्रेस (जूता और बार) को 5 वर्ष तक देकर ट्रीटमेंट कंप्लीट करते हैं। अनुष्का फाउंडेशन देश के हर जिले में क्लबफुट कार्यक्रम लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर बच्चे को इलाज तक पहुंच मिल सके। एसबीआई फाउंडेशन जैसे सरकारी हितधारकों और भागीदारों के साथ हाथ मिलाकर, उनका लक्ष्य अपने कार्यक्रम को कुशलतापूर्वक लागू करना और यह सुनिश्चित करना है कि क्लबफुट के साथ पैदा होने के कारण कोई भी बच्चा विकलांग न रहे। आज क्लिनिक पर 3 बच्चों की कास्टिंग किया गया कुल 12 बच्चों का निःशुल्क इलाज किया गया आर्थोपेडिक डाo अजय गौतम, आरबीएसके के डीईआइसी प्रतीक शाक्य, अनुष्का फाउंडेशन के प्रोo एजुकेटिब अंजली और आर•बी एस•के डा, स्टाफ नर्स , कास्टिंग टेक्निशियन राकेश सोनकर और टीम के लोग मौजूद रहे।

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