Homeराष्ट्रीयस्वास्थ्य विभाग जाग जाओ" का नारा लगाते हुए नाराज ग्रामीणों ने किया...

स्वास्थ्य विभाग जाग जाओ” का नारा लगाते हुए नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

TNI 24- ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

बहराइच: रिसिया मोहरबा में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र आरोग्य केन्द्र हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर ताे खोले गए हैं और सांसद बहराइच अक्षयवर लाल गौंड़ के द्वारा उद्घाटन भी किया गया लेकिन इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लोगों को अस्पताल बनने से अब तक नहीं मिल पाया है जिस कारण से “स्वास्थ्य विभाग जाग जाओ” का नारा लगाते हुए अस्पताल के द्वार पर प्रदर्शन किया। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे लोग परेशान हैं डिलीवरी व ओपीडी किसी प्रकार की सुविधा का लाभ नही मिल पा रहा। उप स्वास्थ्य केंद्रों पर कहने को तो यहां 24 घंटे एएनएम और इलाज की सुविधा मिलना है, लेकिन ताला नहीं खुलने से ग्रामीणों को प्राइवेट अस्पतालों और दूर अस्पतालों तक इलाज कराने के लिए जाना पड़ रहा है या फिर झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उपस्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ स्टॉप सप्ताह में दो बार ही यहां आती हैं जिससे गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कराने में समस्या आती है और प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्र पर कोई लाभ ग्रामीणों को नही मिल पाता न ही ओपीडी हो पा रही है। तो वहीं ग्रामीणों को दवा तक उपलब्ध नहीं हो पाती है।रिसिया क्षेत्र के मोहरबा में उपस्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है। मोहरबा में आए दिन ताला लटका दिखाई देता है। कई हजार की आबादी को यहां स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम प्रतिदिन नही आती है। जिससे स्वास्थ्य केंद्र यदाकदा ही खुलता है। बाकी दिनों में केंद्र पर ताला दिखाई देता है।एएनएम कार्यकर्ताएं सिर्फ टीकाकरण करने के लिए उपस्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहीं हैं। जिससे कुछ गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण तो हो जाते हैं लेकिन बाकी के दिनों में इलाज नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों ने गुस्सा जताते हुए प्रदर्शन करते हुये “स्वास्थ्य विभाग जाग जाओ” का नारा लगाते हुए प्रदर्शन किया हैं लोगो ने बताया कि सरकारी अस्पताल के बन्द होने से आस पास चल रहे फर्जी हॉस्पिटल और झोलाछाप डॉक्टरों के मनोबल बढ़े हुए हैं और मनमानी रूपये की वसुली करते हैं ग्रामीण जागरूकता के अभाव और जीवन बचाने के लिए जैसे तैसे इलाज कराने को मजबूर हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments