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बाराबंकी में ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए पहुंचे सनी देओल, प्रीति जिंटा और करण देओल, एसआरएमयू में उमड़ा छात्रों का उत्साह

रिपोर्ट: संदीप वर्मा, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)

फिल्म प्रमोशन के दौरान सितारों का भव्य स्वागत

बाराबंकी स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) का परिसर शुक्रवार को उस समय उत्साह और तालियों की गूंज से भर उठा, जब आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रचार के लिए अभिनेता सनी देओल, अभिनेत्री प्रीति जिंटा और अभिनेता करण देओल विश्वविद्यालय पहुंचे। सितारों को अपने बीच देखकर छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया तथा फिल्म, अभिनय और भारतीय सिनेमा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इंजीनियर पंकज अग्रवाल, प्रति-कुलाधिपति इंजीनियर पूजा अग्रवाल और शैक्षणिक सलाहकार आरुषि अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने किया, जबकि संयोजन विश्वविद्यालय क्लब इंचार्ज प्रो. (डॉ.) वीना सिंह ने संभाला।

फिल्म के विषय पर कलाकारों ने रखे विचार

संवाद सत्र के दौरान कलाकारों ने फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की कहानी और उसके उद्देश्य पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह फिल्म वर्ष 1947 के विभाजन से जुड़े मानवीय पहलुओं, संघर्षों और सामाजिक संवेदनाओं को दर्शाने का प्रयास करती है। कलाकारों ने कहा कि इतिहास केवल घटनाओं का संग्रह नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी मानवीय भावनाओं और अनुभवों को समझना भी जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन में निरंतर सीखने की आदत बनाए रखें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ें।

सनी देओल का मशहूर डायलॉग सुनकर गूंज उठा परिसर

कार्यक्रम का सबसे यादगार पल तब आया जब छात्रों के विशेष आग्रह पर सनी देओल ने अपनी सुपरहिट फिल्म ‘गदर’ का चर्चित संवाद सुनाया। संवाद पूरा होते ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। छात्र-छात्राओं ने इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और कलाकारों का जोरदार अभिवादन किया।

इस दौरान परिसर का माहौल पूरी तरह उत्साह और जोश से भर गया।

फोटो सेशन में भी दिखा उत्साह

मुख्य कार्यक्रम के बाद कलाकारों ने विश्वविद्यालय परिवार के साथ फोटो सेशन में भी हिस्सा लिया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सनी देओल, प्रीति जिंटा और करण देओल के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। बड़ी संख्या में मौजूद विद्यार्थियों ने कलाकारों से बातचीत भी की और उनके फिल्मी सफर के बारे में जानकारी हासिल की।

भारतीय सिनेमा को समझने का मिला अवसर

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अभिनय, फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्रों को बताया कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और सीखने की इच्छा सबसे महत्वपूर्ण होती है।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय सिनेमा और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्मों को नजदीक से समझने का अवसर भी प्रदान किया।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक और छात्र

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. हेमेन्द्र शर्मा, प्रो. बी.एम. दीक्षित, परीक्षा नियंत्रक प्रो. आकांक्षा निगम, प्रो. अभिषेक सक्सेना सहित विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

निष्कर्ष

बाराबंकी के श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में आयोजित ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशनल कार्यक्रम ने छात्रों को भारतीय सिनेमा के चर्चित कलाकारों से मिलने और उनके अनुभवों को सुनने का अवसर दिया। सनी देओल, प्रीति जिंटा और करण देओल की मौजूदगी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कलाकारों ने जहां फिल्म के विषय पर अपने विचार साझा किए, वहीं छात्रों को अपने सपनों के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ने का प्रेरणादायक संदेश भी दिया।

फतेहपुर के जिंदपुर टोल प्लाजा पर देर रात हंगामा, टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच विवाद, पुलिस जांच में जुटी

देर रात टोल प्लाजा पर हुआ विवाद

फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र स्थित जिंदपुर टोल प्लाजा पर देर रात उस समय हंगामा हो गया, जब टोल कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मौके पर तनाव का माहौल बन गया।

विवाद के चलते कुछ समय के लिए टोल प्लाजा पर यातायात प्रभावित हो गया। कई वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर यातायात धीरे-धीरे सुचारु कराया गया।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने

घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें टोल प्लाजा पर हुए विवाद की गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि विवाद के कारणों का पता लगाया जा रहा है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विवाद किस कारण शुरू हुआ। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जानकारी ली जा रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

फतेहपुर के जिंदपुर टोल प्लाजा पर देर रात टोल कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच हुए विवाद के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद के कारण और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रामपुर में पुलिस अधीक्षक ने यातायात व्यवस्था का किया निरीक्षण, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस हुई सतर्क

रामपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को कोतवाली क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के परिवहन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया।

ओवरलोड ई-रिक्शा मिलने पर तत्काल कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने एक ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए पाया। इस पर उन्होंने तत्काल वाहन को रुकवाया और चालक को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और ओवरलोडिंग जैसी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

विशेष अभियान चलाने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने यातायात पुलिस और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाकर ले जाने वाले ई-रिक्शा, वैन और अन्य वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। ऐसे मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि नियमित जांच अभियान के माध्यम से स्कूल वाहनों की निगरानी की जाए ताकि सभी वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।

विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों को किया जाएगा जागरूक

निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों को सुरक्षित परिवहन और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। बच्चों के आवागमन में लगे सभी वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर वाहन चलाना न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यातायात व्यवस्था की लगातार होगी निगरानी

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। विशेष रूप से स्कूल खुलने और छुट्टी के समय यातायात को सुचारु बनाए रखने तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

निष्कर्ष

रामपुर पुलिस ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान ओवरलोड ई-रिक्शा मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालय प्रबंधन, वाहन चालकों और यातायात पुलिस को समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।

देवीपाटन मंडल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, करोड़ों रुपये की पर्यटन परियोजनाओं की हुई समीक्षा

पर्यटन विकास को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

उत्तर प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में देवीपाटन मंडल की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई। गोंडा में आयोजित बैठक में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जनपदों में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक के दौरान देवीपाटन मंडल के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास कार्यों पर विशेष फोकस किया गया। इनमें मां नदना देवी मंदिर, जंबूद्वीप, कपिल मुनि आश्रम और चारों धाम सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

श्रावस्ती की परियोजनाओं पर भी चर्चा

बैठक में श्रावस्ती जिले के बट्ठा कुटी स्थल और सीताद्वार पर पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा पांडवकालीन प्राचीन मुंडा शिवाला मंदिर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण संबंधी प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई।

इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वामीनारायण छपिया धाम के विकास पर विशेष योजना

बैठक में गोंडा जिले स्थित स्वामीनारायण छपिया धाम के व्यापक विकास पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

अन्य जिलों की परियोजनाओं की भी समीक्षा

बहराइच के जंगलीनाथ मंदिर, प्रज्ञा शिव शक्ति मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। वहीं गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लागत वाली परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए।

साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया।

प्रदेशव्यापी पर्यटन विकास अभियान का हिस्सा

अधिकारियों ने बताया कि यह समीक्षा बैठक प्रदेश में चल रहे पर्यटन विकास अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसके तहत विभिन्न मंडलों में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने और धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

निष्कर्ष

देवीपाटन मंडल में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। बैठक में श्रावस्ती सहित गोंडा, बहराइच और बलरामपुर के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

श्रावस्ती में किसानों का प्रदर्शन, NH-730 पर चक्का जाम के बाद प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन

गिलौला में किसानों का फूटा आक्रोश

श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग NH-730 पर चक्का जाम कर दिया। किसानों का आरोप था कि शिकायत किए जाने के एक सप्ताह बाद भी संबंधित समस्याओं पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे नाराज होकर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया।

ट्रैक्टरों के साथ किया प्रदर्शन

प्रदर्शन के दौरान किसान करीब आधा दर्जन ट्रैक्टरों के साथ गिलौला ब्लॉक पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने से नाराज किसान बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।

कई घंटों तक प्रभावित रहा यातायात

NH-730 पर किसानों के धरने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत शुरू की। थाना प्रभारी आशीष कुमार ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने का प्रयास किया और उनकी समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर बनी सहमति

बाद में खंड विकास अधिकारी (BDO), उपजिलाधिकारी (SDM), नायब तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया।

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटा लिया। इसके बाद यातायात को सामान्य कराया गया।

जांच और कार्रवाई पर रहेगी नजर

किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं और शिकायतों के संबंध में प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि दिए गए आश्वासनों पर अमल किस प्रकार किया जाता है।

निष्कर्ष

श्रावस्ती के गिलौला में किसानों के प्रदर्शन के चलते NH-730 पर कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश तथा समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। प्रशासन ने किसानों की शिकायतों के निस्तारण का भरोसा दिया है।

हरदोई में गंगा में डूबे किशोर का पांचवें दिन मिला शव, दूसरे की तलाश जारी

रिपोर्ट: रजनीश शर्मा

लोकेशन: हरदोई

गंगाजल लेने गए दो किशोरों के साथ हुआ था हादसा

हरदोई जिले में कांवड़ यात्रा के लिए गंगाजल लेने गए दो किशोरों के गंगा नदी में डूबने के मामले में पांचवें दिन एक किशोर का शव बरामद हुआ है। घटना के बाद से चलाए जा रहे लगातार खोज अभियान के बीच शव मिलने से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि दूसरे किशोर की तलाश अभी भी जारी है।

सोमवार को गंगाजल लेने पहुंचे थे दोनों किशोर

जानकारी के अनुसार, अरवल थाना क्षेत्र के चौसार गांव निवासी नारद और ऋषि सोमवार को कुसुमखोर घाट पर कांवड़ के लिए गंगाजल लेने गए थे। बताया जा रहा है कि दोनों चिन्हित सुरक्षित क्षेत्र से आगे चले गए, जिसके बाद वे गंगा नदी के तेज बहाव में डूब गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

पांच दिन तक चला खोज अभियान

हादसे के बाद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने लगातार कई दिनों तक नदी में खोज अभियान चलाया। शुक्रवार को घटनास्थल से काफी दूर मल्लावां क्षेत्र के मेहंदी घाट पर नारद का शव बरामद हुआ।

शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और परिवार में मातम छा गया।

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दूसरे किशोर की तलाश जारी

प्रशासन ने बताया कि दूसरे लापता किशोर ऋषि की तलाश अभी भी जारी है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और पुलिस की टीमें नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक किशोर का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि गंगा या अन्य नदियों में स्नान अथवा जल भरने के दौरान केवल चिन्हित एवं सुरक्षित स्थानों का ही उपयोग करें। नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष

हरदोई में गंगाजल लेने गए दो किशोरों के डूबने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पांच दिनों की तलाश के बाद एक किशोर का शव बरामद हो गया है, जबकि दूसरे की खोज अब भी जारी है। प्रशासन राहत एवं बचाव अभियान में जुटा हुआ है और लोगों से नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

खुर्जा में कई घंटे की बारिश से जलभराव, सड़कों और दुकानों में घुसा पानी, नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

रिपोर्ट: जगनेश सोलंकी

स्थान: बुलंदशहर

लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित

बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर में कई घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। डीसीएम रोड सहित कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

नालों के ओवरफ्लो होने से मकानों और दुकानों में घुसा पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, नालों से पानी की निकासी सही ढंग से नहीं हो पाने के कारण कई स्थानों पर पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के मकानों और दुकानों में पहुंच गया। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है। बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है।

डीसीएम रोड पर जलभराव से बढ़ी परेशानी

खुर्जा के डीसीएम रोड पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित रहा। सड़क पर जमा पानी के चलते दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।

जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि नालों की समय पर सफाई और रखरखाव किया जाता तो इस स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता था।

प्रशासन से समाधान की मांग

स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने, नालों की नियमित सफाई कराने और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

निष्कर्ष

बुलंदशहर के खुर्जा नगर में लगातार हुई बारिश के बाद जलभराव ने नगर की व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। डीसीएम रोड समेत कई क्षेत्रों में पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और जल निकासी व्यवस्था में सुधार पर टिकी हैं।

मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से बदली शाहबाद के अनुज सिंह की तकदीर, मधुमक्खी पालन से बने आत्मनिर्भर

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

सरकारी योजना ने बदली ग्रामीण युवा की जिंदगी

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रामपुर जिले की शाहबाद तहसील के आनवरिया गांव निवासी 32 वर्षीय अनुज सिंह इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। हाईस्कूल तक पढ़े अनुज ने सरकारी योजना के तहत 1.40 लाख रुपये का ऋण लेकर मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू किया और आज न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।

खेती से सीमित आय, फिर बदला जीवन का रास्ता

अनुज सिंह पहले पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, जिससे उन्हें सालाना लगभग 60 हजार रुपये की आय होती थी। बढ़ते खर्च और सीमित आमदनी के बीच उन्होंने आय बढ़ाने के लिए नए विकल्प तलाशे। इसी दौरान गांव के एक मधुमक्खी पालक से प्रेरणा मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की और आवेदन करने का निर्णय लिया।

1.40 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया व्यवसाय

अनुज ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से योजना के तहत आवेदन किया। प्रारंभ में कुछ पारिवारिक संकोच भी सामने आए, लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास के दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया। करीब सवा महीने के भीतर उनका 1.40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया। इसके बाद उन्होंने मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू किया और धीरे-धीरे इसे विस्तार दिया।

65 बॉक्स से कर रहे मधुमक्खी पालन

व्यवसाय की शुरुआत में अनुज ने एपिस मेलिफेरा (Apis mellifera) प्रजाति की मधुमक्खियों के साथ काम शुरू किया। वर्तमान में उनके पास 65 मधुमक्खी बॉक्स हैं, जिनसे शहद का उत्पादन किया जाता है। अक्टूबर से फरवरी के बीच चलने वाले मुख्य उत्पादन सीजन में प्रत्येक बॉक्स से औसतन 8 से 10 किलोग्राम शहद प्राप्त होता है।

70 से 80 हजार रुपये तक की शुद्ध आय

अनुज के अनुसार, मधुमक्खी पालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 70 से 80 हजार रुपये की शुद्ध बचत हो रही है। हालांकि इस व्यवसाय में मौसम, फसलों और अन्य परिस्थितियों का प्रभाव पड़ता है, लेकिन सही प्रबंधन और निरंतर मेहनत से उन्होंने इसे लाभदायक बनाया है।

8 युवाओं को मिला रोजगार

अनुज सिंह की पहल का लाभ केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने फार्म पर गांव और आसपास के 7 से 8 युवाओं को रोजगार दिया है। स्थानीय युवाओं को 6 हजार रुपये प्रतिमाह तथा अनुभवी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये तक का मासिक वेतन दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित हुए हैं।

52 से अधिक लोग हुए प्रेरित

अनुज की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के करीब 52 से 53 किसान और युवा भी मधुमक्खी पालन के व्यवसाय से जुड़ चुके हैं। इससे क्षेत्र में स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिला है। ग्रामीणों का मानना है कि कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम बन सकता है।

शहद की आपूर्ति कई स्थानों तक

उत्पादित शहद की बिक्री के लिए अनुज ने व्यवस्थित विपणन व्यवस्था विकसित की है। वह जीएसटी पंजीकृत व्यापारी के माध्यम से शहद की थोक आपूर्ति करते हैं। उनके अनुसार, उत्पादित शहद रामपुर के अलावा अन्य जिलों और राज्यों तक भी भेजा जाता है।

चुनौतियों के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला

अनुज बताते हैं कि मधुमक्खी पालन में कई चुनौतियां भी आती हैं। खेतों में रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव से कई बार मधुमक्खियों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा शहद के दामों में उतार-चढ़ाव भी कारोबार को प्रभावित करता है। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाते रहे।

दूसरे युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

आज अनुज सिंह की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं। सरकारी योजना का लाभ लेकर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन और उद्यमिता का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।

निष्कर्ष

रामपुर के शाहबाद क्षेत्र के अनुज सिंह की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाया जाए और मेहनत के साथ काम किया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल कायम की जा सकती है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से शुरू किया गया उनका मधुमक्खी पालन व्यवसाय आज उनके परिवार की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ कई अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार और प्रेरणा का माध्यम बन चुका है।

ललितपुर में महिला और युवती से मारपीट का आरोप, एक सप्ताह में दूसरी घटना से ग्रामीणों में आक्रोश

जखौरा थाना क्षेत्र के गांव में मारपीट का मामला सामने आया

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम घिसौली में महिला और एक युवती के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनके घर पहुंचकर हमला किया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

महिला गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती

पीड़ित परिवार के अनुसार, हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, युवती ने अपनी जान बचाने के लिए घर के अंदर छिपकर खुद को सुरक्षित किया।

एक सप्ताह में दूसरी बार हमले का आरोप

परिजनों का दावा है कि यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार हमला किया गया है। उनका आरोप है कि पहले भी मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन उस मामले में पुलिस द्वारा समझौता करा दिया गया था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

हथियार लेकर पहुंचने का आरोप

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावर डंडे और कुल्हाड़ी जैसे हथियार लेकर पहुंचे और घर के बाहर हंगामा किया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बताया जा रहा है।

पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई है।

जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि शिकायत के आधार पर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

निष्कर्ष

ललितपुर के जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम घिसौली में महिला और युवती के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने हमलावरों के साथ-साथ पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

श्रावस्ती में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर मीडिया कार्यशाला आयोजित, 10 अगस्त से चलेगा विशेष अभियान

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियां तेज

श्रावस्ती में आगामी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. के. के. वर्मा ने की। कार्यशाला में अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य और बच्चों तक दवा पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

10 अगस्त को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़ों (कृमि संक्रमण) से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की गोली निःशुल्क खिलाई जाएगी।

यह अभियान जिले के विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक दवा पहुंचाई जा सके।

कृमि संक्रमण से हो सकती हैं गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं

ACMO डॉ. के. के. वर्मा ने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे कुपोषण, खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी, थकान और शारीरिक एवं मानसिक विकास में बाधा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि समय पर एल्बेंडाजोल की दवा देने से कृमि संक्रमण की रोकथाम में मदद मिलती है और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं विकास को बढ़ावा मिलता है।

सभी विभागों के समन्वय पर दिया गया जोर

कार्यशाला में शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। ACMO ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सभी लक्षित बच्चों तक दवा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करे, ताकि अभियान का उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

अभिभावकों से की गई सहयोग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य दिलवाएं। विभाग का कहना है कि यह दवा सुरक्षित है और बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अधिकतम बच्चों तक पहुंचाने का लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले के अधिकतम पात्र बच्चों और किशोर-किशोरियों को इस अभियान से जोड़ना है, ताकि कृमि संक्रमण की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके।

निष्कर्ष

श्रावस्ती में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 10 अगस्त को शुरू होने वाले इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली निःशुल्क दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित विभागों के समन्वय और अभिभावकों के सहयोग से अभियान को सफल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे कृमि संक्रमण से सुरक्षित रह सकें।