रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में थाना नई मंडी पुलिस ने एक ऐसे संगठित हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके खिलाफ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराकर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने इस गिरोह की एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। मामले के सफल खुलासे पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
जानकारी के अनुसार थाना नई मंडी क्षेत्र के एक पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि कुछ लोग मिलकर हनीट्रैप का संगठित गिरोह चला रहे हैं। इस गिरोह में शामिल महिला के जरिए सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में छेड़छाड़ और दुष्कर्म के आरोप लगाकर मुकदमे दर्ज कराए जाते और फिर समझौते के नाम पर उन्हें डराकर लाखों रुपये की उगाही की जाती थी।
शिकायत के आधार पर थाना नई मंडी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और पुलिस टीम गठित की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए महिला आरोपी वरजीना निवासी गढ़ी सरवट के साथ आफताब, रियासत और साजिद निवासी ग्राम रथेडी को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह का एक अन्य सदस्य परवेज अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित तरीके से लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराते थे और बाद में समझौते के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के सिडकुल थाने में भी एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें मुजफ्फरनगर के ही दो लोगों के खिलाफ मामला लिखवाकर उनसे समझौते के नाम पर करीब दस लाख रुपये की मांग की गई थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रियासत का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और उसके खिलाफ पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पूरे मामले के सफल खुलासे पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 15 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच कर रही है।

