रिपोर्ट,रेखा लामा/दार्जिलिंग


लोकप्रिय नेपाली लोक–रॉक बैंड ‘नेपथ्य’ के संस्थापक और गायक अमृत गुरुङ की जीवनी ‘नेपथ्य: लोकप्रिय यात्रा का अंतरंग’ का भारतीय संस्करण 26 फरवरी 2026 को किताब कैफे, सिलीगुड़ी में सार्वजनिक किया गया।
कार्यक्रम में कला, संगीत और साहित्य क्षेत्र के अनेक विशिष्ट व्यक्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही। ‘नेपथ्य’ की पहचान को उजागर करने वाले लेखक अमृत गुरुङ ने कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में अपनी बातें रखीं। जीवनीकार गिरिश गिरी द्वारा लिखित इस कृति का अमृत गुरुङ, गिरिश गिरी, किरण कृष्ण श्रेष्ठ, आभास, ज्ञानेंद्र खातीवाड़ा, बदी खेल, दुर्गा खरेल आदि ने औपचारिक रूप से विमोचन किया।
‘नेपथ्य’ एक प्रसिद्ध रॉक बैंड है, जिसने मौलिक नेपाली धुनों को समकालीन संगीत अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए नई पहचान दी है। इसके संगीत ने नेपाली भाषा और संस्कृति को जीवंत बनाते हुए शांति और सद्भाव का संदेश प्रवाहित किया है। नेपाल के संघर्षकाल में संतुलित और जिम्मेदार संगीत के माध्यम से देश की विभिन्न परिस्थितियों और समय की संवेदनशील तस्वीर प्रस्तुत करने में इस बैंड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस पुस्तक में ‘नेपथ्य’ की यात्रा को शुरू से विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने जीवन और संसार को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा दी है। अपने स्वदेश में लोकप्रियता प्राप्त करने के साथ-साथ भारत में भी इस कृति ने व्यापक पाठकवर्ग का विश्वास अर्जित किया है।
बुक–कवर पब्लिकेशन के निर्देशक राजा पुनियानी ने बताया कि यह पुस्तक बुक–एक्सपो ई–कॉमर्स वेबसाइट तथा अमेज़न इंडिया पर उपलब्ध है और दार्जिलिंग व सिक्किम के प्रमुख पुस्तकालयों में भी मिल रही है।
विमोचन कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ‘नेपथ्य’ की रचनात्मकता और भारतीय–नेपाली साहित्यिक आदान–प्रदान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कृतियाँ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और पहचान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में लोकप्रिय लोकगायक जोड़ी बदी–दुर्गा खरेल, इतिहासकार डॉ. सोनाम बी. वाइबाला, गीतकार पूर्ण गिरी, संगीतकार दिवस गुरुङ, कलाकार नीलमणी आदि की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन कवि–गायक तथा स्टूडियो साउंडट्रैक के स्वामी समीर शाही ने किया।
