नाली निर्माण में कथित खेल… वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप… विक्की त्यागी का नाम लेकर धमकाने का आरोप… ठेकेदार पहुंचा सलाखों के पीछे।

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रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना एक हिंदू नेता को भारी पड़ गया। वार्ड नंबर 39 में चल रहे नाली और सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद कथित तौर पर उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, वायरल ऑडियो में कुख्यात मृतक विक्की त्यागी का नाम लेकर डराने का आरोप भी सामने आया है। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने नगर पालिका के ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। देखिए ये विस्तृत रिपोर्ट।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के सहारनपुर बस स्टैंड के पीछे स्थित इंद्रा कॉलोनी में इन दिनों नाली और सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार उर्फ साधु गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा करते हुए नगर पालिका प्रशासन को लिखित शिकायत दी।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया। बताया जा रहा है कि इसी के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
आरोप है कि कार्य रुकने से नाराज नगर पालिका ठेकेदार अनिल वर्मा ने नरेंद्र पंवार को फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो में विक्की त्यागी का नाम लेकर डराने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संघर्ष समिति, राष्ट्रीय गुर्जर महासभा और संयुक्त व्यापार संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाना सिविल लाइन पहुंचे। थाने के बाहर काफी देर तक हलचल का माहौल रहा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ठेकेदार को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को धमकाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नगर पालिका के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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