रोजगार की गांरटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गयी है, जो कि मेहनतकश ग्रामीण सामाज के लिए बहुत बड़ा परिवर्तन है
बेरोजगारी भत्ता का अधिकार, समय पर मजदूरी भुगतान, ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रन्ता, है इसकी विशेषता
रिपोर्ट – शारिक खान

रामपुर। कार्य की चार श्रेणिया, विभागों का एकीकरण और पारदर्शिता, कृषि-मजदूरी समन्वय है प्रमुख लक्ष्य मा0 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जे0पी0 राठौर ने संत शिरोमणी सर्किट हाउस में विकसित भारत-जी राम जी कार्यक्रम के जागरूकता हेतु प्रेसवार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। । इस अवसर पर मा0 कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी, मा0 पश्चिमी उ0प्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिसोदिया, मा0 जिला प्रभारी राजा वर्मा, मा0 जिला अध्यक्ष बी0जे0पी0 हरिश गंगवार, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे मा0 मंत्रीजी ने बताया कि ‘‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीण वीबी-जी राम जी अधिनियम’’ देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब संशोधित नये स्वरूप में ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास, आजीविका, समाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और मजबूत होगा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के बारे में संशोधित नवीन जानकारियों को बताया कि अब इसमें 125 दिन ग्रामीण रोजागर की नयी गारण्टी, कृषि-मजदूरी समन्वय, राज्य सरकार के अनुसार अधिक से अधिक 60 दिन कार्य नहीं चलेगा कृषि सहयोग, बेरोजगारी भत्ते के लिए बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी का भुगतान और देरी होने पर मुवाआजा, तकनीक के जरिए सशक्तिकरण करना, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निरगारी, स्थानिक प्रौद्योगिकी सक्षम आयोजन, रियल, टाइम डैशबोर्ड, ए आई आधारित विश्लेषण, नागरिक सहभागिता प्लेटफाम, इस अधिनियम के तहत गांव के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय अवसंरचना स्टैक पर आधरित, ग्राम सभा द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना, विकसित भारत पंचायत योजना में सभी योजनाओं का तालमेल किया जायेगा कार्य की चार प्रमुख श्रेणीयां है, जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य फोकस के कार्य, जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, सिंचाई, वाटरशेड विकास, जल-सोतो को पुनर्जीवन, वनीकरण, ग्रामीण अवसंरचना से जुडे कार्य-पुशपालन, मत्स्य पालन, सर्कुलर इकोनामी मॉडल से जुड़ी उत्पादक परिसम्पतियों, कौशल विकास, बाजार भण्डारण, आजीविका संवर्धन के कार्य, जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य, ये चारो क्षेत्र मिलकर विकस, सशक्तिकरण कन्वर्जेन्स और स्थायी आजीविका का आधार बनेंगे विभागों का एकीकरण और पारदर्शिताः इस अधिनियम के तहत गाँव के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकत्रित होंगे। इससे दोहराव बंद होगा, विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
कृषि-मजदूरी समन्वयः इस अधिनियम में, राज्य सरकार द्वारा बुवाई एवं कटाई संबंधी मुख्य कृषि संबंधी गतिविधियों हेतु कुल मिलाकर 60 दिनों की अवधि निर्धारित करने का प्रावधान है। इस दौरान इस अधिनियम के तहत कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होगा, जिससे कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके। इस नए अधिनियम के बारे में जानकारी केवल सरकारी स्रोतों से प्राप्त की जाए तथा इस संबंध में आवश्यकतानुसार सूचना पंचायत कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
मनरेगा के तहत जो काम अभी चल रहे हैं, वो बिल्कुल सुरक्षित हैं। कोई भी काम रुकेगा नहीं, सब पहले की तरह पूरे होंगे। आगे वीबी-जी राम जी लागू होने के बाद, इसके हिसाब से नए काम शुरू हो जाएंगे। मतलब, काम में रुकावट नहीं-बल्कि ज्यादा मौके मिलेंगे। गाँव का विकास और तेज़ी से आगे बढ़ेगा।।
विकसित भारत-जी राम जी कानून पूरी तरह लागू होने पर आपको न केवल 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, बल्कि अधिनियम के लागू होने पर नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ प्राप्त होगा।
