रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ़्फ़रनगर। जनपद में लगातार बढ़ती कड़ाके की ठंड और खतरनाक स्तर तक पहुँच चुके वायु प्रदूषण ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे अधिक असर छोटे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसके बावजूद स्कूलों का पूर्ववत संचालन प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि मौजूदा मौसम और प्रदूषण की स्थिति में बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल भेजना उनके जीवन और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। संगठन के जिला अध्यक्ष अक्षय त्यागी ने बताया कि ठंड और जहरीली हवा के चलते बच्चों में सर्दी, खांसी, सांस संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
भाकियू (अराजनीतिक) की ओर से माननीय जिलाधिकारी से पुरज़ोर मांग की गई है कि जनहित और बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए जनपद के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को लेकर तत्काल निर्देश जारी किए जाएं। संगठन का कहना है कि या तो स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाए अथवा उनकी समय-सारिणी में आवश्यक परिवर्तन किया जाए, ताकि बच्चों को ठंड और प्रदूषण से राहत मिल सके।
युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान ने भी प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यदि इस विषय में लापरवाही बरती गई तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासनिक व्यवस्था की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी और जरूरत पड़ने पर इस जनहित के मुद्दे को लेकर आंदोलनात्मक कदम उठाने से भी पीछे नहीं।
