रिपोर्ट – अनिल कुमार
फतेहपुर/देवमई। देवमई ब्लॉक के मुसाफा ग्राम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बैठका से मुसाफा होते हुए कर्बिगवा (कानपुर) को जोड़ने वाले मार्ग के 5.50 मीटर चौड़ीकरण का कार्य ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। निर्माण के दौरान भारी लापरवाही सामने आई है। पुलिया निर्माण के लिए जेसीबी से की गई खुदाई में जल जीवन मिशन के तहत सड़क किनारे डाली गई पाइपलाइन को शनिवार को काट दिया गया, जिससे गांव की जलापूर्ति पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले ही मुसाफा में पानी की आपूर्ति नियमित नहीं थी, कभी-कभार ही नल से पानी मिल पाता था। अब पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद हालात और बदतर हो गए हैं। लोगों को आशंका है कि आने वाले महीनों तक गांव पानी के लिए तरस सकता है।
इधर, जल निगम की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाइपलाइन कटने की सूचना के बावजूद न तो मरम्मत का काम शुरू हुआ और न ही वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम पूरी तरह नींद में है। दूसरी ओर, निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार “बजट नहीं है” और “पैसे का भुगतान नहीं हुआ” जैसे बहाने बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का साफ सवाल है—जब सरकार हर घर नल से जल देने का दावा कर रही है, तो फिर मुसाफा के लोगों को पानी आखिर कैसे मिलेगा? सड़क चौड़ीकरण के नाम पर विकास तो हो रहा है, लेकिन उसी विकास की भेंट जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना चढ़ा दी गई।
पानी की समस्या को लेकर गांव में रोष व्याप्त है। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई परिवारों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अब देखने वाली बात यह है कि लोक निर्माण विभाग, जल निगम और जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब तक आंखें मूंदे रहते हैं, या फिर मुसाफा के ग्रामीणों को उनका हक—पेयजल—समय रहते मिल पाएगा।


