रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। पेराई सत्र से पहले जिला प्रशासन ने कोल्हू और खांडसारी इकाई संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल पर रोक और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार इकाइयों में भू-तल से करीब 10 मीटर ऊंची चिमनी लगाना जरूरी है। संचालन में बैगास, बायोमास, बायोब्रिकेट और सूखे कृषि अपशिष्ट जैसे अनुमन्य ईंधन का ही इस्तेमाल किया जाएगा। प्लास्टिक, टायर और रबर जलाने पर रोक रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि इनके दहन से निकलने वाला धुआं कर्मचारियों और आसपास की आबादी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
पेराई से पहले लेनी होगी सहमति
कोल्हू संचालकों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति लेना भी अनिवार्य बताया गया। इसके लिए निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। बोर्ड की ओर से पांच वर्ष के लिए सहमति जारी की जाएगी।
मुजफ्फरनगर एनसीआर एवं निकटवर्ती क्षेत्र में शामिल है, इसलिए सीएक्यूएम, सीपीसीबी और यूपीपीसीबी के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है। प्रशासन ने संचालकों से पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी मानक पूरे करने को कहा।
बैठक में क्षेत्रीय अधिकारी व सहायक पर्यावरण अभियंता, यूपीपीसीबी, जिला खांडसारी अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत समेत संबंधित अधिकारी और कोल्हू-खांडसारी इकाई संचालक मौजूद रहे।
