रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। गांधी-अंबेडकर संवाद यात्रा के मुजफ्फरनगर पहुंचते ही सामाजिक न्याय और मुस्लिम अधिकारों का मुद्दा सियासी मंच पर जोरदार तरीके से उभरकर सामने आया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं बिहार सह प्रभारी शाहनवाज आलम ने दलित एक्ट की तर्ज पर मुस्लिम एक्ट बनाने की मांग उठाकर नई बहस छेड़ दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के साथ होने वाली ज्यादती के मामलों में न्यायपालिका की उदासीनता से अन्याय करने वालों के हौसले बढ़ते हैं। साथ ही आगामी लोकसभा और विधानसभा परिसीमन में मुस्लिम बहुल सीटों को आरक्षित नहीं करने और दलित आबादी वाली सीटों के वर्गीकरण पर भी सवाल उठाए।
‘हम भारत के लोग’ के बैनर तले निकली यात्रा सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंची। जिला अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष हकीम जफर महमूद के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया गया। इसके बाद शहीद चौक स्थित पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सलमान सईद के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में शाहनवाज आलम ने संविधान, सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवालों को प्रमुखता से उठाया।
‘अब अधिकारों के लिए जागरूक होना होगा’
शाहनवाज आलम ने कहा कि समाज के दबे-कुचले वर्ग, दलित और विशेष रूप से मुसलमानों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई मामलों में स्वत: संज्ञान नहीं लिए जाने से पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है और इससे गलत काम करने वालों का मनोबल बढ़ता है।
परिसीमन पर भी बड़ा सवाल
आलम ने आगामी लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन को लेकर कहा कि अधिक मुस्लिम आबादी वाली सीटों को आरक्षित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने 35 से 40 प्रतिशत दलित आबादी वाली सीटों को सामान्य श्रेणी में रखने के प्रावधान पर भी पुनर्विचार की मांग की। उनके इन बयानों से कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा खासा गरमाया रहा।
गांधी-अंबेडकर के विचारों से जोड़ने का दावा
उन्होंने कहा कि गांधी-अंबेडकर संवाद यात्रा का मकसद देश में संविधान, सामाजिक न्याय, अमन, मोहब्बत और भाईचारे के विचार को मजबूत करना है। यात्रा के जरिए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और समाज में बराबरी का माहौल बनाने का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री एवं पूर्व सांसद सईदुज्जमा और पूर्व मंत्री दीपक कुमार ने की। संचालन ममनून अंसारी एडवोकेट ने किया। इस दौरान मोहम्मद कैफ, जसीम खान, सलमान सईद, राशिद मलिक, राजू बहोत्रा, गफ्फार त्यागी, आकाश त्यागी, प्रदीप त्यागी, आकिब खान, अमान उल हक, फैज खान, सरदार फारुकी, दिलशाद त्यागी, रामरतन विश्वकर्मा, कमल मित्तल, मुकेश शर्मा, ईश्वर सिंह, मुमताज अली, विनोद धीमान, अनमोल जैन, कारी तोहिद, गुलजार अल्वी, मजहर अब्बास, डॉ. नूर अली और मोहसिन चौधरी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
