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बांदा में स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल ODOP के लिए ‘GeM Bazaar’ की शुरुआत सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर बिकेंगे बांदा के स्थानीय उत्पाद महिला और पुरुष हस्तशिल्पियों को सीधे मिलेगा डिजिटल बाजार का बड़ा फायदा

रिपोर्ट शुभम सिंह

बांदा: 2 सितंबर- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय हुनर और पारंपरिक शिल्पकला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बांदा जनपद के स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी पहल की है। जनपद के प्रसिद्ध ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ को बढ़ावा देने के लिए अब ‘जेम बाजार’ (GeM Bazaar) की शुरुआत की जा रही है। सरकार के इस कदम से बांदा के शजर पत्थर से बनी चीजें अब सीधे सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal) पर उपलब्ध होंगे। जिससे बिचौलियों का अंत होगा और महिला व पुरुष हस्तशिल्पियों को सीधे डिजिटल बाजार का बड़ा फायदा मिलेगा।

*कारीगरों को उत्पाद लिस्टिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सरकारी खरीद प्रक्रिया का प्रशिक्षण मिलेगा*

योगी सरकार की इस दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और उद्योग विभाग पूरी ताकत से जुट गया है। संयुक्त आयुक्त उद्योग सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय कारीगरों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें जेम पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने के लिए योगी सरकार एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रही है। इसके तहत आगामी 8 सितंबर को एक महत्वपूर्ण वर्चुअल मीटिंग आयोजित की जाएगी। जिसमें कारीगरों को उत्पाद लिस्टिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सरकारी खरीद प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल बांदा के शजर पत्थर उद्योग और अन्य पारंपरिक शिल्पकला से जुड़े हजारों परिवारों के जीवन में समृद्धि लाने वाली साबित होगी।

कारीगरों की तरक्की में मिल का पत्थर साबित होगी यह पहल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, इस व्यवस्था से अब सरकारी विभागों में होने वाली खरीदारियों में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता मिलेगी। इससे न केवल कारीगरों को उनके उत्पादों का सही मूल्य मिलेगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी भारी गति मिलेगी। योगी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए बांदा के हस्तशिल्पियों में भारी उत्साह है। इन लोगों का कहना है कि सरकार ने सदियों पुरानी कला को आधुनिक तकनीक से जो जोड़ने का काम करने जा रही है वह बहुत सराहनीय है। जो हमारी तरक्की में मील का पत्थर साबित होगा।

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