रिपोर्टर: कबीर
डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुजफ्फरनगर में पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने और आधुनिक डेयरी तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दुग्ध शाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे स्वर्ण महोत्सव के तहत आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पशुपालकों, किसानों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को चयन पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और सरकारी सहायता के माध्यम से डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने डेयरी क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए। आयोजन प्रशासन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ और इसे प्रदेशभर में आयोजित डेयरी सम्मेलनों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।
सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
सम्मेलन के दौरान पशुपालकों को डेयरी और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री पशुपालक प्रोत्साहन योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की कि वे योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।
आधुनिक पशुपालन पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक पशुपालन और आधुनिक डेयरी प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने उन्नत नस्लों के संरक्षण, संतुलित पशु आहार, स्वच्छ डेयरी प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
विशेषज्ञों का कहना था कि यदि पशुपालक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाते हैं तो कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाला अधिक दूध उत्पादन संभव है। इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
पशुओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण पर दिया गया जोर
सम्मेलन में पशु चिकित्सकों ने पशुओं में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव, नियमित टीकाकरण और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे पशुओं का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें ताकि किसी भी बीमारी का समय रहते उपचार किया जा सके।
साथ ही विभागीय स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
बैंकिंग और वित्तीय सहायता की जानकारी
कार्यक्रम में बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने पशुधन ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और पशुधन बीमा जैसी सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पशुपालकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
किसानों को सलाह दी गई कि वे सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग कर अपने व्यवसाय को मजबूत बनाएं।
चयनित लाभार्थियों को मिले चयन पत्र
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के पात्र लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर चयनित लाभार्थियों ने सरकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इन योजनाओं से डेयरी व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।
एक लाभार्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी सहायता और वैज्ञानिक तरीके अपनाने के बाद उनके डेयरी व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आया है और आय में भी वृद्धि हुई है।
डेयरी क्षेत्र में तकनीकी नवाचार पर चर्चा
कार्यक्रम में डेयरी विशेषज्ञों ने गुणवत्ता सुधार, दुग्ध संग्रहण, विपणन और तकनीकी नवाचारों पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर हो और किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
विशेषज्ञों ने मूल्य संवर्धन और डेयरी उत्पादों के बेहतर विपणन पर भी उपयोगी सुझाव दिए।
बड़ी संख्या में पहुंचे पशुपालक
इस सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक पशुपालकों, किसानों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं भी साझा कीं।
अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए अधिकारियों ने पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाने की अपील की।
निष्कर्ष
डेयरी कॉन्क्लेव-2026 ने पशुपालकों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पशुपालन की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच प्रदान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान आधुनिक डेयरी प्रबंधन और सरकारी सहायता का सही उपयोग करें तो दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
ऐसे आयोजन न केवल पशुपालकों को नई जानकारी उपलब्ध कराते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और डेयरी क्षेत्र के सतत विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
