रिपोर्टर: संजीव वर्मा
नो पार्किंग क्षेत्र में खड़े हो रहे वाहन, यात्रियों को हो रही परेशानी
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टूण्डला रेलवे स्टेशन परिसर में नो पार्किंग क्षेत्र में वाहनों के खड़े होने को लेकर स्थानीय लोगों और यात्रियों ने गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि स्टेशन परिसर में स्पष्ट रूप से “नो पार्किंग” का बोर्ड लगाए जाने के बावजूद प्रतिदिन बड़ी संख्या में कार और मोटरसाइकिल वहां खड़ी की जा रही हैं। इससे यात्रियों को स्टेशन आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अवैध वसूली के भी लगे आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टेशन के मुख्य गेट और प्लेटफॉर्म के पास स्थित नो पार्किंग क्षेत्र में कुछ लोग कथित रूप से अवैध तरीके से वाहन खड़े करवाते हैं। इतना ही नहीं, वाहन खड़ा करने के बदले पैसे वसूलने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यात्रियों ने बताई अपनी परेशानी
यात्रियों का कहना है कि नो पार्किंग क्षेत्र में वाहनों की भीड़ के कारण स्टेशन परिसर में आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में कठिनाई होती है। वहीं, आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य आवश्यक वाहनों को भी रास्ता बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की अव्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए चिंता का विषय है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि नो पार्किंग क्षेत्र में नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि अवैध वसूली के आरोपों में सच्चाई मिलती है तो दोषियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में रेलवे प्रशासन या स्थानीय पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
रेलवे स्टेशन पर सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहद आवश्यक है। ऐसे में स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।
