रिपोर्ट: ब्यूरो (कबीर)
आनंद भवन शिव मंदिर में शुरू हुआ 33वां विशाल कांवड़ सेवा शिविर
मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के अवसर पर रुड़की रोड स्थित आनंद भवन शिव मंदिर में आयोजित 33वें विशाल शिव कांवड़ सेवा शिविर का शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने फीता काटकर शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने शिविर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सेवा को बताया सच्ची आराधना
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा करना ईश्वर की सच्ची आराधना के समान है और ऐसे सेवा शिविर समाज में सहयोग एवं समरसता की भावना को मजबूत करते हैं।
व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
मंत्री ने शिविर में उपलब्ध कराई गई भोजन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लाखों कांवड़ियों की सेवा करना एक बड़ा सामाजिक दायित्व है और इस कार्य में लगे सभी स्वयंसेवक एवं आयोजक सराहना के पात्र हैं।
बिजली कटौती के मुद्दे पर की अपील
कार्यक्रम के दौरान शिविर संचालन समिति के पदाधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली कटौती की समस्या मंत्री के सामने रखी। इस पर कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी कांवड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि तकनीकी कारणों से यदि कहीं समस्या उत्पन्न हो तो सभी लोग धैर्य और संयम बनाए रखें तथा किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रति असंयमित भाषा का प्रयोग न करें।
कई जनप्रतिनिधि और शिवभक्त रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में विवेक बालियान, शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा, जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा, क्रांति सेना की महिला अध्यक्ष पूनम चौधरी सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में आयोजित 33वें विशाल शिव कांवड़ सेवा शिविर के शुभारंभ के साथ श्रद्धालुओं की सेवा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं शुरू हो गई हैं। कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सेवा, समर्पण और सामाजिक सहयोग की भावना को कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी पहचान बताते हुए सभी से मिलकर यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने का आह्वान किया।
