रिपोर्ट: जगनेश सोलंकी
भाईपुर बनी जिले की पहली ग्राम पंचायत, जहां एक स्थान पर लगाए गए 17 हजार पौधे
खुर्जा (बुलंदशहर)। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बुलंदशहर की ग्राम पंचायत भाईपुर ने एक नई मिसाल पेश की है। मियावाकी पद्धति के तहत एक ही स्थान पर 17 हजार पौधे लगाकर ग्राम पंचायत ने जिले में नया रिकॉर्ड बनाया है। यह पहल बाबा गरीबनाथ आश्रम के निकट की गई, जिसका उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ पौधारोपण
पौधारोपण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) निशा ग्रेवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) नवीन मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) डॉ. हरेंद्र सिंह, डीसी मनरेगा गोपाल कृष्ण चौधरी, खुर्जा बीडीओ स्मृति अवस्थी, एडीओ पंचायत सत्यपाल सिंह, एडीओ आरडी हेमंत कुमार शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
ग्राम प्रधान ने किया अधिकारियों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान गौरव जयराम ने सभी अधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव और क्षेत्र से जुड़ी कुछ प्रमुख समस्याओं की ओर भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया तथा उनके समाधान का आग्रह किया।
मियावाकी पद्धति से विकसित होगा हरित क्षेत्र
मियावाकी पद्धति कम समय में घने और प्राकृतिक जंगल विकसित करने की आधुनिक तकनीक मानी जाती है। इस पद्धति से लगाए गए पौधे अपेक्षाकृत तेजी से विकसित होते हैं और पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता तथा प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण से क्षेत्र का हरित आवरण बढ़ेगा और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी विकसित होगी। उन्होंने अन्य ग्राम पंचायतों से भी ऐसे प्रयासों से प्रेरणा लेने की अपील की।
निष्कर्ष
खुर्जा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाईपुर द्वारा मियावाकी पद्धति से 17 हजार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल की गई है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रयास न केवल हरित वातावरण के निर्माण में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
