रिपोर्ट: संदीप वर्मा
बाराबंकी में पसमांदा मुस्लिम महाज़ की बैठक, राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की उठी मांग
बाराबंकी। शहर के सट्टी बाजार स्थित कार्यालय में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज को विभिन्न राजनीतिक दलों और सरकारों में उनकी आबादी के अनुपात में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सामाजिक न्याय के सिद्धांत के अनुरूप पसमांदा समुदाय को उचित भागीदारी देने की मांग की।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल
वसीम राईन ने कहा कि पिछले कई दशकों से पसमांदा मुस्लिम समाज को राजनीति और शासन व्यवस्था में अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज के कई पिछड़े वर्ग, विशेष रूप से बुनकर, राईन, मंसूरी और सलमानी समुदाय, अपनी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलेंगे, तभी सामाजिक न्याय की भावना मजबूत होगी।
राज्यसभा और अन्य संस्थाओं में भागीदारी की मांग
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रमुख राजनीतिक दलों ने अब तक पसमांदा मुस्लिम समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। उन्होंने मांग की कि राज्यसभा, विधान परिषद, विभिन्न आयोगों, वक्फ बोर्ड, मदरसा बोर्ड और अन्य स्वायत्तशासी संस्थाओं में पसमांदा समाज के योग्य प्रतिनिधियों को अवसर दिया जाए।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति का ऐलान
बैठक में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ ने वर्ष 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। संगठन ने कहा कि वह विभिन्न राजनीतिक दलों से पसमांदा बहुल विधानसभा क्षेत्रों में पसमांदा उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग करेगा।
संगठन ने यह भी कहा कि सामाजिक जागरूकता, प्रचार-प्रसार और विभिन्न माध्यमों से समुदाय की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
बुनकरों की समस्याओं का उठाया मुद्दा
वसीम राईन ने प्रदेश सरकार से बुनकर समुदाय की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसानों के हित में कई फैसले लिए गए हैं, उसी प्रकार बिजली से संचालित हथकरघा उद्योग से जुड़े बुनकरों को भी राहत और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बुनकर भारतीय हस्तकला और वस्त्र उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके हितों की रक्षा आवश्यक है।
बैठक में कई लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर निसार राईन, मोमिन राईन, कमरुद्दीन राईन, जावेद राईन, शफीक राईन, मुन्ना राईन, नोमान, असफाक राईन, रिजवान राईन, महमूद चौधरी, मोहम्मद जान, अहमद इदरीशी, शकील अहमद, सद्दाम इदरीशी, मुशीर राईन, अतीक आलम, शब्बीर अहमद, सलमान राईन, अब्दुल्ला राईन, गुफरान राईन, अनीस राईन, तय्यब राईन, रफीक अंसारी, गुलजार कुरैशी, रऊफ राईन और आमिर अली सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
निष्कर्ष
बाराबंकी में आयोजित ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ की बैठक में पसमांदा मुस्लिम समाज को राजनीतिक और प्रशासनिक संस्थाओं में आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन ने अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। यह ध्यान देने योग्य है कि बैठक में व्यक्त विचार संबंधित वक्ताओं और संगठन के हैं।
