रिपोर्टर: कबीर (मुजफ्फरनगर)
श्रावण मास में शिवभक्तों की सेवा के लिए शुरू हुआ सेवा शिविर
भोपा (मुजफ्फरनगर)। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा के उद्देश्य से भोपा क्षेत्र के निरगाजनी नहर झाल पर बुधवार को कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ विधि-विधान के साथ किया गया। शिविर का उद्घाटन हवन-यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें भाजपा युवा नेता एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने आहुति देकर श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम की शुरुआत की।
कांवड़ियों के लिए निःशुल्क सुविधाओं की व्यवस्था
गंगनहर किनारे स्थापित इस सेवा शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क जलपान, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने बताया कि यह सेवा शिविर प्रत्येक वर्ष श्रद्धा और सेवा भाव के साथ संचालित किया जाता है तथा बड़ी संख्या में शिवभक्त इसका लाभ उठाते हैं।
सेवा को बताया पुण्य का कार्य
कार्यक्रम के दौरान भाजपा किसान प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी ने कहा कि श्रावण मास में शिवभक्तों की सेवा करना सौभाग्य और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर भी लोग सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सिकंदरपुर, रहमतपुर और गड़वाड़ा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण भी सेवा शिविर के संचालन में सहयोग कर रहे हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ हवन
शिविर में आयोजित हवन-यज्ञ का पूजन पंडित विनीत शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और कांवड़ यात्रा के सफल एवं सुरक्षित संचालन की कामना की।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में मनोज कुमार मांडी, मैनपाल प्रधान, गिरीश प्रधान, पुष्पेंद्र उर्फ बिट्टू प्रधान, प्रवीण प्रजापति, मोहित कुमार, योगेश शिवाच, राजीव राठी, शिवम शिवाच, रवीश कुमार शिवाच, राहुल चौधरी, वंशित शिवाच, धर्मेंद्र काकरान, वीशू कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
श्रावण मास के अवसर पर भोपा क्षेत्र में शुरू किया गया कांवड़ सेवा शिविर सेवा, सहयोग और धार्मिक आस्था का उदाहरण प्रस्तुत करता है। शिवभक्तों को यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए ऐसे शिविर कांवड़ यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
