रिपोर्ट: कबीर
स्थान: मुजफ्फरनगर
शहीद स्मारक पर आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल राजीव चौहान के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।
वीर सैनिकों के साहस को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल राजीव चौहान ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल सैन्य जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया और देश की सीमाओं की रक्षा की।
युवाओं से राष्ट्र सेवा का आह्वान
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हर नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्श नई पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे।
पूर्व सैनिकों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का मनोबल, रणनीति और साहस ही कारगिल विजय की सबसे बड़ी ताकत था। उन्होंने यह भी कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना और उनके बलिदान की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
देशभक्ति के नारों से गूंजा परिसर
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” तथा “अमर शहीद अमर रहें” के नारों के साथ वीर जवानों को नमन किया। पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
राष्ट्र की एकता और सुरक्षा का लिया संकल्प
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और नागरिक शामिल हुए। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन कारगिल के अमर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
