ब्यूरो: कबीर
मुजफ्फरनगर से बड़ी खबर
मुजफ्फरनगर पुलिस ने व्यापारी से ₹13 लाख की हाईटेक ठगी का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए राजस्थान के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹13 लाख नकद और ₹15 लाख के फर्जी नोट बरामद किए हैं। मामले के सफल खुलासे पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम के लिए ₹25 हजार के पुरस्कार की घोषणा की है।
पहले जीता भरोसा, फिर दिया ठगी को अंजाम
पुलिस के अनुसार, नॉवेल्टी चौक स्थित उत्तर प्रदेश मशीनरी स्टोर के संचालक संदीप कुच्छल से आरोपियों ने व्हाट्सएप पर आर.के. शर्मा बनकर संपर्क किया। शुरुआत में छोटे-छोटे लेनदेन सफलतापूर्वक कराकर व्यापारी का विश्वास जीता गया।
इसके बाद जब ₹15 लाख दिल्ली भेजने की बात हुई तो आरोपियों ने नोटों की गड्डियों के ऊपर और नीचे असली ₹500 के नोट लगाए, जबकि बीच में सफेद कागज रखकर गड्डियों को सील कर दिया। दूसरी ओर व्यापारी से ₹13 लाख की असली नकदी ले ली गई। दिल्ली में गड्डियां खुलने पर ठगी का पता चला।
तकनीकी साक्ष्यों से पहुंचे राजस्थान
मुकदमा दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा, एसओजी प्रभारी मोहित सिंह और टीला चौकी प्रभारी विक्रांत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने राजस्थान में कार्रवाई कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों आरोपियों ने कबूला अपराध
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्रह्मदेव (श्रीगंगानगर), श्रीराम उर्फ सुनील और प्रदीप (बीकानेर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी आईडी पर सिम लेकर खुद को आर.के. शर्मा बताकर व्यापारी से संपर्क करने और ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹13 लाख की ठगी की रकम और ₹15 लाख के फर्जी नोट बरामद कर लिए हैं। मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं जोड़कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
