ब्यूरो: कबीर (मोबाइल नंबर गोपनीय)
मुजफ्फरनगर से बड़ी खबर
मुजफ्फरनगर के भोपा में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और नॉर्मलाइजेशन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन थाना भोपा में सौंपा गया।
पैदल मार्च निकालकर उठाई मांगें
बुधवार को भोपा स्थित एक कोचिंग सेंटर से शुरू हुआ पैदल मार्च मुजफ्फरनगर मार्ग और क्षेत्राधिकारी कार्यालय होते हुए थाना भोपा पहुंचा। प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने तख्तियां और पोस्टर लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
ज्ञापन में रखीं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि—
लिखित परीक्षा के बाद कटऑफ और प्राप्तांक सार्वजनिक किए जाएं।
वन डे-वन शिफ्ट परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
नॉर्मलाइजेशन व्यवस्था समाप्त की जाए।
NEET, SSC, रेलवे और पुलिस भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
छात्रों ने जताई चिंता
कोचिंग संचालक अक्षित चौधरी ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अध्यापक आबिद अली ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तभी युवाओं का भरोसा मजबूत होगा।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के भोपा में छात्रों और शिक्षकों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, नॉर्मलाइजेशन समाप्त करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
