ब्यूरो: कबीर (मोबाइल नंबर गोपनीय)
मुजफ्फरनगर से बड़ी खबर
मुजफ्फरनगर के जिला महिला चिकित्सालय में भूजल सप्ताह (16 से 22 जुलाई) के समापन अवसर पर जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक से जल बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जल संरक्षण की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर ने की। उन्होंने चिकित्सकों, कर्मचारियों और उपस्थित लोगों को “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” विषय पर शपथ दिलाई और जल बचाने का संदेश दिया।
भूजल संरक्षण पर दिया जोर
डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह मनाकर लोगों को जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने कहा कि कृषि, पेयजल और उद्योगों की बड़ी आवश्यकता भूजल पर निर्भर है, इसलिए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाओं को अपनाना आवश्यक है।
जनभागीदारी का किया आह्वान
कार्यक्रम में डॉ. नीरज कुमार ने लोगों से भूजल का संतुलित उपयोग करने और जल संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की। अस्पताल प्रबंधक प्रियंका ने कविता के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया।
प्रतियोगिताएं और सम्मान समारोह
भूजल सप्ताह के समापन पर चित्रकला, भाषण, कविता और जल गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मिस मैरी, शिवानी मजूमदार, अनामिका, काव्या और सविता को सम्मानित किया गया।
‘कैच द रेन-2026’ अभियान से जुड़ने की अपील
डॉ. राजीव कुमार ने केंद्र सरकार के ‘जल संचय जनभागीदारी: कैच द रेन-2026’ अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए वर्षा जल की हर बूंद बचाने, अनावश्यक भूजल दोहन रोकने, अधिक से अधिक लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने तथा पौधारोपण जैसे प्रयासों में भागीदारी का आह्वान किया।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में भूजल सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के महत्व पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने लोगों से भूजल बचाने, वर्षा जल संचयन अपनाने और जल संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
