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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से अनाथ बच्चों को मिला सहारा, बांदा में आवेदन प्रक्रिया हुई पूरी तरह डिजिटल

रिपोर्टर: शुभम सिंह

बांदा से बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बांदा जिले में निराश्रित और अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया गया है। जिला प्रशासन ने योजना के आवेदन और निगरानी की प्रक्रिया को डिजिटल करते हुए नए एमआईएस (MIS) पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था लागू की है।

निराश्रित बच्चों को मिल रहा आर्थिक संबल

जिला प्रशासन के अनुसार, योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सहायता प्रदान करना है जिन्होंने किसी आपदा या अन्य परिस्थितियों में अपने माता-पिता को खो दिया है अथवा जो योजना की पात्रता की अन्य श्रेणियों में आते हैं। पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा और भविष्य से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बांदा दौरे के दौरान भी योजना के कुछ लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक और प्रमाण पत्र वितरित किए गए थे।

सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही सहायता

महिला कल्याण विभाग और जिला प्रोबेशन कार्यालय के समन्वय से पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, पात्र बच्चों को 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता त्रैमासिक किस्त के रूप में 7,500 रुपये प्रदान की जाती है। इसके अलावा पात्र बालिकाओं को विवाह के लिए 1,01,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है।

डिजिटल शिक्षा को भी मिल रहा बढ़ावा

योजना के तहत पूर्व में पात्र छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डिजिटल और पारदर्शी हुई आवेदन प्रक्रिया

जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बना दिया है। अब पात्र बच्चे या उनके अभिभावक UPMBSY पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

एमआईएस पोर्टल के जरिए लाभार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सहायता की निगरानी भी की जा रही है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

हर पात्र बच्चे तक योजना पहुंचाने पर जोर

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ब्लॉक और तहसील स्तर पर भी अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

बांदा में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत निराश्रित और पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता, शिक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर योजना का लाभ सीधे पात्र बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाया जा सके।

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